सिरमौर: मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था बनी उम्मीद की किरण
सिरमौर जिले में समाज सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आ रही है जहां मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था जरूरतमंद लोगों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभर रही है वहीं संस्था न केवल गरीब बच्चों के उज्जवल भविष्य को संभालने का काम कर रही है बल्कि बेसहारा बुजुर्गों की मदद के लिए भी निरंतर प्रयासरत है
संस्था द्वारा जिले भर में लगातार सामाजिक कार्य किया जा रहे हैं जिनका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को शिक्षा से जोड़ना और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाना है ऐसे कई बच्चे जो आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं उनके लिए यह संस्था नई उम्मीद बनकर आई है
संस्था बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए उन्हें पढ़ाई संबंधी जरूरी सामग्री जैसे कॉपी किताबें स्कूल यूनिफॉर्म फीस जूते इत्यादि उपलब्ध करवा रही है ताकि वह बिना किसी बाधा के अपनी शिक्षा जारी रख सकें
संस्था का स्पष्ट लक्ष्य यह है कि कोई भी बच्चा केवल आर्थिक कमजोरी के कारण अपने सपनों से वंचित न रहे
संस्था के निदेशक डॉ अनुराग गुप्ता व संस्था की अध्यक्ष पुष्पा खंडूजा का कहना है कि उनका प्रयास केवल बच्चों तक सीमित नहीं है बल्कि समाज के उस वर्ग तक पहुंचना भी है जो अक्सर नजर अंदाज कर दिया जाता है यानी बेसहारा और जरूरतमंद बुजुर्ग ।
बेसहारा बच्चों व बुजुर्गों के लिए संस्था द्वारा सहायता देखभाल और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है जिसमें संस्था के निदेशक डॉक्टर अनुराग गुप्ता तथा अध्यक्ष पुष्पा खंडूजा द्वारा अपनी भूमि में एक भवन “खुशियों का घर” का निर्माण किया जा रहा है जिसका कार्य फिलहाल प्रगति पर है आने वाले समय में इस पहल को और व्यापक रूप देने की योजना है ताकि अधिक से अधिक बुजुर्गों वेसहारा बच्चों को इसका लाभ मिल सके
वहीं संस्था के अध्यक्ष पुष्पा खंडूजा का कहना है कि उनका लक्ष्य समाज के हर जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचना है उन्होंने समाज के सक्षम वर्ग से अपील की है कि वह आगे आकर इस तरह की पहलुओं को मजबूती दें ताकि जरूरतमंदों की जिंदगी में वास्तविक बदलाव लाया जा सके
पांवटा साहिब के प्रसिद्ध समाजसेवी व वरिष्ठ पत्रकार अरविंद गोयल जी ने भी निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया तथा स्थानीय लोगों ने भी मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था के सभी कार्यों की सराहना करते हुए इस समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया है निःसंदेह ऐसे प्रयास न केवल जरूरतमंदों को सहारा देते हैं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नई दिशा भी तय करते हैं ।आईए खुशियां बांटे









