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हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के सुमन हत्याकांड में बड़ा अपेडट आया है। मामले में पुलिस टीम ने सुमन के जेठ और भतीजी को गिरफ्तार किया है। इससे पहले पुलिस टीम ने हत्या के आरोप में सुमन के पति को गिरफ्तार किया था।
पुलिस जांच में परतें खुलीं
पुलिस जांच में सुमन की मौत को लेकर बड़े खुलासे हुए। जांच में पाया गया कि सुमन की मौत को आरोपियों ने आत्महत्या बताया था। जबकि, पति, उसके बड़े भाई और भतीजी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए सुमन की हत्या करने के बाद एक बड़ा षड़तंत्र रचा था।
यह मामला कसौली के गांव शनोगी का है, जहां 31 जनवरी 2026 को नवविवाहिता सुमन (38) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शुरुआत में इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन पुलिस को शुरू से ही इस कहानी में कई खामियां नजर आ रही थीं। गहन जांच के बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि सुमन की हत्या सोची-समझी साजिश के तहत की गई थी।
कसौली पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि सुमन की मौत आत्महत्या से नहीं, बल्कि पहले गला दबाने से हुई थी। हत्या के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने और घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए उसके गले और शरीर पर तेजधार हथियार से कई वार किए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों ने पुलिस के शक को मजबूत किया। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि चतर सिंह (42) और सुमन का विवाह 23 नवंबर 2025 को हुआ था। शादी के कुछ ही दिनों बाद से दोनों के बीच लगातार विवाद चल रहे थे
मामूली विवाद हिंसा में बदला
जांच में पाया गया कि सुमन का पति बच्चा पैदा नहीं कर सकता था। इस बात का पता सुमन को शादी के बाद चला। इसी बात को लेकर भी आए दिन दोनों में लड़ाई-झगड़ा होता रहता था। 31 जनवरी को भी किसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसा में बदल गई। इसी दौरान चतर सिंह ने आपा खोते हुए सुमन का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी चतर सिंह ने अपने भाई नरेंद्र सिंह (45) और भतीजी निकिता (19) के साथ मिलकर एक झूठी कहानी गढ़ी। तीनों ने मिलकर यह दिखाने की कोशिश की कि सुमन ने पहले उन पर हमला किया और फिर आत्महत्या कर ली।
इस साजिश के तहत सुमन के गले पर कैंची से वार किए गए। इतना ही नहीं, चतर सिंह ने खुद के माथे और गले पर चाकू से हल्की चोटें पहुंचाईं और अपनी भतीजी के गाल पर भी कट लगाया, ताकि मामला वास्तविक लगे।
इसके बाद चतर सिंह ने सुमन के मायके पक्ष को फोन कर बताया कि सुमन ने उन पर चाकू से हमला किया है और घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद कर लिया है। सूचना मिलते ही सुमन के परिजन घबराए हुए मौके पर पहुंचे और दरवाजा तोड़कर बेटी को बचाने की गुहार लगाई।
मायके वालों ने जताया शक
सुमन के परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने दरवाजा तोड़ने का केवल दिखावा किया, ताकि उन पर किसी तरह का शक न जाए। उनका कहना है कि यह सब पहले से रची गई साजिश का हिस्सा था और सुमन की हत्या को आत्महत्या साबित करने की कोशिश की जा रही थी।
SP सोलन गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस ने हर पहलू से मामले की जांच की। जांच में यह साफ हो गया कि तीनों आरोपियों ने मिलकर सुमन की हत्या की और बाद में झूठी कहानी गढ़कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। वारदात के बाद सबूत मिटाने के भी प्रयास किए गए।
सलाखों के पीछे तीनों
उन्होंने बताया कि अस्पताल में मेडिकल जांच के दौरान डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि चतर सिंह और निकिता के शरीर पर जो चोटें पाई गई हैं, वे स्वयं द्वारा पहुंचाई गई हैं। इसके बाद पुलिस थाना कसौली की टीम ने इस मामले में चतर सिंह के भाई नरेंद्र सिंह और भतीजी निकिता को भी गिरफ्तार कर लिया है।
तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जा रहा है। साथ ही पुलिस उनके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में मजबूत सबूत जुटाए गए हैं और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए पूरी कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।









