Solan: हिमाचल प्रदेश में बनी दवाओं के 50 सैंपल फेल

Khabron wala 

हिमाचल प्रदेश में बनी दवाओं के 50 सैंपल फेल हो गए हैं। केन्द्रीय दवा नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने ड्रग अलर्ट जारी किया है। देश भर में दवाओं के कुल 167 सैंपल फेल हुए हैं। इसमें हिमाचल के सैंपल की संख्या 50 है। जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं उनमें बीपी, हार्ट, बुखार, दर्द, बुखार, एलर्जी, किडनी व विटामिन की दवाएं शामिल हैं। ड्रग विभाग ने इसका कड़ा संज्ञान लेते हुए उन सभी उद्योगों को नोटिस जारी कर बाजार से स्टॉक रिकॉल करने के निर्देश जारी किए हैं।

जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं उनमें सबसे अधिक संख्या प्रदेश के सबसे बड़ेे औद्योगिक क्षेत्र बद्दी की है। बद्दी में बनी दवाओं के 23 सैंपल फेल हुए हैं। इसी तरह नालागढ़ में बनी दवाओं के 7, सोलन की 6, जिला सिरमौर के कालाअम्ब व पावंटा साहिब औद्योगिक क्षेत्र की दवाओं के 11, ऊना के 1 तथा प्रदेश के सबसे पुराने औद्योगिक क्षेत्र परवाणू की दवाओं के 2 सैंपल फेल हुए हैं। इनमें एक उद्योग के 3 तथा 2 उद्योगों के दो-दो सैंपल फेल हुए हैं।

हिमाचल प्रदेश में बन रही दवाओं के फेल हो रहे सैंपल की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। इससे हिमाचल प्रदेश की छवि को राष्ट्रीय स्तर पर बहुत नुक्सान हो रहा है। देश की दवाओं का 30 फीसदी उत्पादन हिमाचल प्रदेश में हो रहा है। प्रदेश का सबसे बड़ा फार्मा हब बीबीएन है। 50 में से फेल हुए 30 दवाओं का उत्पादन बीबीएन में ही हुआ है।

हालांकि सरकार द्वारा समय-समय पर दवाओं के फेल हो रहे सैंपल का कड़ा संज्ञान भी लिया। दावे भी किए कि यदि 2 से अधिक सैंपल फेल होने पर उद्योग को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। यही नहीं ऐसे 20 उद्योगों को चिन्हित भी किया गया था, जिनकी दवाओं के बार-बार सैंपल फेल रहे थे, लेकिन इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उसी का ही परिणाम है कि दवाओं के फेल हो रहे सैंपल का क्रम टूटने का नाम नहीं ले रहा है।

राज्य दवा नियंत्रक बद्दी मनीष कपूर ने बताया कि जिन उद्योगों की दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उन सभी को नोटिस जारी किए गए हैं। यही नहीं जिस बैच के सैंपल फेल हुए हैं, उसके स्टॉक को बाजार से रिकॉल करने के भी आदेश जारी कर दिए हैं। ड्रग विभाग ने इस मामले का कड़ा संज्ञान लिया है।

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