आज बिजली कर्मचारियों एवं अभियंताओं की राष्ट्रीय समन्वय समिति के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के आव्हान पर हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड एंप्लाइज यूनियन द्वारा आज पांवटा साहिब इलेक्ट्रिकल डिविजन के प्रांगण में बिजली संशोधन बिल तथा बिजली कंपनियों के निजीकरण के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया राष्ट्रीय हड़ताल एवं काम बंद कर किया इस दिन समूचा बिजली कर्मचारी एवं अभियंता बिजली क्षेत्र के निजीकरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया
यूनियन के वाइस प्रेसिडेंट ट्रांसमिशन विभाग के सुनील कुमार ने बताया कि बिजली बिल आ जाने से बिजली वितरण में कार्य कर रही कंपनियों को तो दो या दो से अधिक कंपनियों से अनिवार्य होगा तथा बिजली वितरण के मुनाफे वाले क्षेत्रों को निजी कंपनियों के हाथों में देने का रास्ता साफ हो जाएगा उन्होंने बताया कि बिजली बोर्ड की संपत्तियों को कौड़ियों के भाव निजी कंपनी को बेच दिया जाएगा वहीं बिजली विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को भी निजी कंपनी के अधीन उनकी सेवा शर्तों पर कार्य करना होगा
उन्होंने बताया प्रदेश की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की लागत उद्योग क्षेत्र की तुलना में काफी ज्यादा है जिसे अभी विद्युत दरें तय करने में कम से कम सब्सिडी पर तय होगी वही नौजवानों को भी आने वाले समय में नौकरी करने में मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा











