पांवटा साहिब के नवादा में गुर्जरों के डेरे पर रखी अवैध खैर की लकड़ी को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। हिंदू संगठन ने वन विभाग के जमीन पर जितने भी गुर्जरों के अवैध डेरे हैं उन्हें तुरंत हटाने के लिए ज्ञापन सौंपा है अगर 3 दिनों में कोई कार्रवाई नहीं की जाती तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा। वही आज भी वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी की गई इस वाक्य के बाद वन विभाग की खूब फजीहत हो रही है वह तरफ है कि पहले भी वन विभाग के अधिकारीयो और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं
हिंदू संगठनों के दर्जनों कार्यकर्ताओं अजय संसरवाल, सचिन ओबेरॉय, नीरज आदि ने आरोप लगाए कि मानपुर देवड़ा में स्थित गुर्जरों के डेरे पर घास में छुपा कर खेर की लकड़ी रखी गई थी जिसकी सूचना जब डीएफओ पांवटा साहिब को दी गई तो उन्होंने उस लकड़ी को पहले तो खैर का होने से मना कर दिया और जब वीडियो दिखाई गई तो उन्होंने कहा कि गुर्जरों को टीडी की लकड़ी दी गई है।
हिंदू संगठनों ने वन अधिकारियों के कार्य प्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं, पहले तो वन विभाग ने खैर की लकड़ी होने से ही इनकार कर दिया था लेकिन जब उन्हें प्रमाण दिया गया तो उन्होंने अब गुर्जरों के दर पर रख लकड़ी को टीडी की लकड़ी बताना शुरू कर दिया जो कि वन विभाग के कार्य प्रणाली को सवालों को घेरे में खड़ा करना है।
हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि वन विभाग पंचायत प्रधान मानपुर देवड़ा के ऑफीशियल लैटर दिखा रहा है। वन विभाग द्वारा अवैध तरीके से वन भूमि पर कब्जा किया इस लेटर के Special Offer अवैध कब्जाधारियों के हित में जारी की जा रही है। आज खैर कटान मामले में कार्यवाही न होने बारे पूछने पर DFO पांवटा ने हिंदू संगठनों को पंचायत का लैटर थमाया है।
वहीं जिला सिरमौर में हिंदू संगठनों द्वारा वन विभाग की जमीन पर अतिक्रमण किया डेरों को तुरंत हटाने की मांग की गई है । अगर अतिक्रमण कर रहे गुर्जरों के डेरे नहीं हटाए गए तो हिंदू संगठन वन विभाग कार्यालय का घेराव करेंगे।
आज नाहन में भी हिंदू संगठनों ने Conservator Of Forests को ज्ञापन देकर अवैध कब्जे और अवैध कटान पर कार्यवाही की मांग की।