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पांवटा साहिब : 5 दिनों से पीने के पानी को तरस रहे शहर के लोग आईपीएच विभाग सो रहा कुंभकरणी नींद

जहां एक और मुख्यमंत्री करोड़ों रुपए के पेयजल योजनाओं की घोषणाएं करने जुटे है वही आईपीएच विभाग के अधिकारी धरातल पर मुख्यमंत्री की मिट्टी पलीत कराने में जुटे हुए हैं जी हां ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी शहर के वार्डो में उम्मीदवार पक्ष में वोट मांगते फिर रहे हैं वही वार्डों के लोग सुखराम चौधरी को धोबी पछाड़ देने की तैयारी कर रहे हैं क्योंकि पिछले 7 दिनों से शहर के कई वार्डों में पीने का पानी नसीब नहीं हो रहा वही आईपीएच विभाग कुंभकर्ण की नींद सोया हुआ है तथा बार-बार फोन करने पर भी नहीं जाग रहा वहीं शहर के कई लोगों ने जाकर दफ्तरों में भी सोए हुए अधिकारियों को उठाने की कोशिश की परंतु शायद काली कमाई का ज्यादा हिस्सा घटक कर अधिकारियों के पेट फूल गए हैं तथा नशा दिमाग में चढ़ गया है ठेकेदारों के साथ मिलीभगत कर आई पी एच के अधिकारी शहर की जनता को तंग करने में जुटे हैं बताया यह भी जा रहा है आईपीएच विभाग के अधिकारी शहर में करोड़ों रुपए की कोठियां डाल रहे हैं तथा अपने निजी बोर करवाए हुए हैं वही विजिलेंस वी इन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्यवाही करने में अभी तक नाकाम साबित हुआ है वहीं गत दिवस अवैध बोर का भी मामला सामने आया था क्योंकि गंदी राजनीति के चलते उन जगह बोर करा दिए गए जहां पर बोर करवाने की जरूरत ही नहीं थी वहीं अब बद्रीपुर इलाके के लोग दूसरों के घर से पानी भरकर लाने को मजबूर है

बताया जा रहा है कि एनएच का काम लगा होने के कारण जबकि यह अधिकारियों की जिम्मेदारी थी कि पहले पानी की दूसरी लाइन बिछाई जाती जिसके बाद एनएच का काम लगाया जाता वही आईपीएच विभाग के अधिकारी भी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आए परंतु शहर के बोझ उठाने वाले तथा पानी के बिलों में भारी बढ़ोतरी होने के बावजूद जनता को सुविधा देने में आईपी एच विभाग नकारा साबित हुआ है गौरतलब है कि आईपीएच विभाग ने पानी के बिलों में दोगुने से ज्यादा वृद्धि कर दी है परंतु सुविधा देने के नाम पर अभी भी आईपीएच विभाग नाकाम साबित हुआ है बार-बार अधिकारियों को फोन करने के बावजूद भी 1 हफ्ते से पानी की समस्या अधिकारी ठीक नहीं करवा सके एसडीओ एक्स ई एन को बार-बार फोन करने के बाद वह सिर्फ यही बोलते रहे की पता करते है तथा एन एच के ठेकेदार को बोला गया है पानी की लाइन जोड़ दी जाएगी तथा इसमें उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है क्योंकि यह सारा काम एनएच विभाग कर रहा है

 

 

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