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पावटा साहिब : देखें दिल्ली को लूट पत्थर के दीपक की रोशनी के सहारे वापिस गुफा तक पहुंचता था डाकू

धौला कुआं से लगभग 30 किलोमीटर, वाया भरोग बनेड़ी , पौंटा साहिब से लगभग35 किलोमीटर वाया राजवन,पंचायत छछेती के जंगल कुंभीगढ़ में शिव मंदिर के साथ डाकू राव का बहुत बड़ा पत्थर का दीपक व गुफा है घोड़े के लिए घास डालने के लिए पत्थर से बनी जगह भी मौजूद है जो लोगों की मान्यता को साबित करते हैं गुफा पत्थर के नीचे खतरनाक जगह पर बनाई गई , गुफा के सामने खड़ा होकर माजरा धौला कुआं पावटा तथा आसपास का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है

सड़क से मंदिर व डाकू की गुफा तक पहुंचने के लिए ढाई किलोमीटर का पैदल जंगल का रास्ता 40 से 45 मिनट में पूरा होता है कोटडी व्यास व टोंका नगला के कुछ ग्रामीण व्यास ला देवी मंदिर से सीधे जंगल के रास्ते से पैदल 4 घंटे में मंदिर पहुंच जाते हैं मगर यह रास्ता बहुत दुर्गम है गांव के लोगों मैं मान्यता है कि यहां राव नामक डाकू रहता था जिसके पास उड़ने वाला घोड़ा होता था जो पत्थर के दीए में 75 किलो तेल डालकर दीपक जलाता था जिसकी रोशनी में दिल्ली लूटने के निकलता था और वापस इसी दीपक की मदद से अपने गुफा में पहुंचता था डाकू अमीरों को लूटता था और गरीबों में बांटता था जिस कारण गरीबों का वह मसीहा बन गया था डाकू का नाम ग्रामीण बड़े सम्मान के साथ लेते हैं

यहां हर साल शिवरात्रि के दिन जागरण अर्ध रात्रि में भांग घोटा प्रसाद चढ़ाया जाता है सुबह की आरती में काफी तादाद में ग्रामीण पहुंचते हैं शिवरात्रि केअगले दिन भंडारा का आयोजन किया जाता है मंदिर में अभी तक बिजली की व्यवस्था नहीं है ना ही पानी की व्यवस्था है खच्चर से पानी ढोया जाता है 4 करोड़ की लागत से उठाऊ पेयजल योजना 3 साल पहले बनकर तैयार हो चुकी है मंदिर तक पेयजल योजना सप्लाई टैंक बनाए हुए 3 साल हो गए मगर अभी तक सप्लाई नहीं दी गई , स्थानीय लोगों का कहना है कि वह इस मांग को जोर शोर से उठाएंगे ताकि मंदिर में पानी व बिजली की सप्लाई की सुविधा की समस्या सरकार तक पहुंच सके

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