मामला बद्रीपुर के वार्ड नंबर एक का है गत दिवस सोशल मीडिया पर मारपीट का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक पक्ष दूसरे पक्ष के साथ लड़ाई करता दिख रहा है परंतु वायरल वीडियो केवल आधा अधूरा सच है जबकि कार पार्किंग के एक मामूली विवाद को एक बड़ा तूल देने की कोशिश की जा रही है यही नहीं दूसरे पक्ष को जाने बगैर ही एक पक्ष के आरोपों पर दूसरे पक्ष को ऐसे गलत साबित किया जा रहा है कि जैसे सारी गलती दूसरे पक्ष की ही है वही एक पुलिसकर्मी पर भी झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं जबकि उसका इस लड़ाई से कोई लेना देना नहीं है जबकि एक पुलिसकर्मी का रिश्तेदार यदि किसी से लड़ाई करता है तो वह पुलिसकर्मी दोषी नहीं हो जाता ईमानदारी से ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी पर भी कुछ लोग झूठे आरोप लगा रहे हैं और सबसे बड़ी बात कि वह पुलिस कर्मी किसी अन्य पुलिस स्टेशन में तैनात है भाई कुछ लोग पुलिसकर्मी के खिलाफ अनाप-शनाप लिखने में भी जुटे हुए हैं
जबकि यह पड़ोसियों के बीच मामूली कार पार्किंग का विवाद था वही मोहल्ले के पड़ोसियों ने भी कई बार मिलकर इस सारे मामले को सुलझाने की कोशिश की परंतु दोनों पक्ष ही मामले को निपटाने की बजाय को बढ़ावा देने में लगे रहे और नतीजा निकला एक दूसरे के साथ मारपीट यही नहीं गत दिन पूर्व भी यह लड़ाई झगड़ा हुआ था परंतु दूसरे पक्ष की बेटी की शादी के कारण उन्होंने इस मामले को सुलझाने में ही भलाई समझी यही नहीं पहला पक्ष दूसरे पक्ष से कभी गमले तोड़ देता है कभी अन्य नुकसान करता है
दूसरे पक्ष के राकेश कुमार उनके पुत्र मनीष कुमार व पत्नी श्यामा ने कई बार पड़ोसियों को समझाने की कोशिश की परंतु अरुण ठाकुर वे उनका परिवार कभी उनका गमला तोड़ देता मनीष कुमार की माता के सिर में चोट लगी है तथा उनका भी काफी खून बह गया था हम स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि खबरोंवाला किसी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करता है आर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज इस ओर जा रहा है कि एक मामूली कार पार्किंग के विवाद को मारपीट तक पहुंचा दिया गया जबकि यह बात समझौते से व पड़ोसियों के साथ बैठकर सुलझाई जा सकती थी उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सारे विवाद में किसी पुलिसकर्मी का कोई दोष नहीं है यह केवल अफवाह है कि पुलिसकर्मी केस में कोई बाधा उत्पन्न कर रहा है
द्वितीय पक्ष के मनीष का आरोप है कि भी उनके माता-पिता के साथ मारपीट की गई थी तथा पड़ोसी उनको नाजायज तंग कर रहे हैं तथा जब उनकी माता को मारा गया तभी गुस्से में उनको भी लड़ाई के बीच में आना पड़ा वही प्रथम पक्ष के अरुण ठाकुर द्वारा भी भेजी गई वीडियो तथा शिकायत की कॉपी में बताया गया है कि पुलिस द्वारा उनके द्वारा दर्ज करवाई गई शिकायत की उचित जांच नहीं की जा रही है तथा उनकी पत्नी तथा बेटियों के साथ भी मारपीट की गई है












