26 नवंबर से शुरू हुए किसान आंदोलन के 25वें दिन यानि आज गुरु तेग बहादुर के शहादत दिवस के दिन आंदोलन में शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि दी जा रही है। बता दें कि साल 1675 में दिल्ली में आज ही के दिन सिखों के नवें गुरु गुरु तेग बहादुर सिंह ने तत्कालीन सत्ता के अन्याय के ख़िलाफ शहादत दी थी।कल ऑल इंडिया किसान सभा ने दावा किया था कि अब तक किसान आंदोलन में कुल 33 लोगों की जान गई है। किसान आंदोलन में हिस्सा लेते हुए जान गंवाने वाले इन 33 किसानों को भी सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर, चिला बॉर्डर, खेड़ा बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों ने श्रद्धांजलि दी। इसके अलावा देश के तमाम जिलों तहसीलों में आज इन 33 किसानों को श्रद्धांजलि दी गई।बता दें कि कल संयुक्त किसान मोर्चा ने रविवार के आयोजन के लिए एक पोस्टर भी जारी किया था जिसमें आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों की तस्वीरें लगी हैं। इसे अलग-अलग माध्यमों से पूरे देश में भेजा गया था।

देर शाम बद्रीनगर चोंक पर सेंकडो लोगो ने एकत्रित होकर दिल्ली में किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दोरान एक केंडल मार्च भी निकाला गया तथा बद्रीनगर चोंक पर मोमबतिया जलाकर शहीद किसानो को श्रद्धांजलि दी गयी स्थानीय किसानो व्यपारियो ने कृषि कानून की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए आक्रोश जताया। इस दौरान लोगो ने ने कहा कि सरकार तीन काले कानून लाई है किसान आंदोलन कर कृषि कानून का विरोध कर रहे है तो उन पर लाठी चार्ज और कड़ाके की ठंड में पानी की बौछारें की जा रही है। कहा कि इस दौरान कई किसान अपने हक की लड़ाई में जान गवा चुके है। इसके साथ ही शहीद किसानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।












