वार्ड नंबर 8 आज भी बदहाली के आंसू रो रहा है गौरतलब है कि यहां के पार्षद पहले चेयरमैन भी रह चुके हैं तथा इस बार महिला रिजर्वेशन होने के कारण चेयरमैन नहीं बन सकें थे
जब स्थानीय लोगों से बात की गई तो उनका कहना है कि वहीं वार्ड नंबर 8 के पार्षद अपने घर के सामने की गली की हालत नहीं सुधार सकें गौरतलब है कि इस गली में कई लाखों रुपए के गटका गिराने मामला भी सामने आया था उसके बावजूद भी आज थोड़ी सी बारिश में ही इस गली की हालत देखने लायक है गली में हर जगह कीचड़ ही कीचड़ हो रखा है तथा आने जाने वाले राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है
कांग्रेस का कहना है कि इस वार्ड के पार्षद ने अपनी चुनावी घोषणा में कहा था कि वह पावटा साहिब को चंडीगढ़ की तरह बनाना चाहते हैं परंतु भाजपा समर्थित नगर परिषद होने के बावजूद भी वह अपने वार्ड की दशा नहीं सुधार सके गौरतलब है कि यहां पर नालियों की भी हालत दयनीय है तथा सफाई व्यवस्था चरमरा चुकी है तथा नाली किनारे गंदगी पड़ी हुई है तथा लोगों को नाक बंद कर यहां से गुजरना पड़ रहा है
पांवटा साहिब का दिल कहे जाने वाले वार्ड नंबर 8 की यह हालत भाजपा समर्थित नगर परिषद की पोल खोल रही है पिछले दिनों हमने नगर परिषद के साथ लगते शौचालय की तस्वीरें भी आप को दिखाई थी जहां पर शौचालय की हालत भी दयनीय थी आखिर भाजपा समर्थित व ट्रिपल इंजन नगर परिषद होने के बावजूद भी पांवटा साहिब का विकास क्यों नहीं हो पाया वहीं वार्ड नंबर 8 की बदहाली का खामियाजा यहां के पार्षद को भुगतना पड़ सकता है











