Khabron wala
धर्मशाला कॉलेज की एक छात्रा की मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। सामने आई जानकारी के अनुसार छात्रा लंबे समय से कथित जातीय भेदभाव और एक प्रोफेसर द्वारा किए गए अभद्र व्यवहार व मानसिक उत्पीड़न का शिकार थी, जिसके कारण वह गहरे अवसाद (डिप्रेशन) में चली गई और अस्पताल में उपचाराधीन थी। इलाज के दौरान, जब उसकी हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी और वह अंतिम सांसें ले रही थी, तब पूछे जाने पर उसने अपने साथ हुए जातीय अपमान, उत्पीड़न और मानसिक यातनाओं की पूरी पीड़ा बयां की। उसी समय दिया गया उसका बयान वीडियो के रूप में सामने आया है, जो अब वायरल हो रहा है और जिसने पूरे समाज को झकझोर दिया है।
बताया जा रहा है कि इस गंभीर मामले की जानकारी छात्रा और उसके परिजनों द्वारा पुलिस को पहले ही दी गई थी, लेकिन हैरानी और चिंता की बात यह है कि लगभग दो महीने बीत जाने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इस देरी ने न सिर्फ शोक में डूबे परिवार को तोड़ दिया है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला केवल एक छात्रा की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था, जातीय समानता, गुरु-शिष्य संबंध और न्याय प्रणाली पर लगा एक गहरा और शर्मनाक धब्बा बन चुका है। अंतिम सांसों में दिया गया छात्रा का बयान आज भी इंसाफ की मांग कर रहा है।











