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Sirmour: तेंदुए की मौत के मामले में बड़ा खुलासा, बाड़े के भीतर धारदार हथियार से काटे थे नाखून, दो गिरफ्तार

Khabron wala 

शिमला के टूटीकंडी स्थित एनिमल रेस्क्यू सेंटर में मृत मादा तेंदुए की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके पैर पर किसी धारदार हथियार से हमले का खुलासा हुआ है। इसी आधार पर वन विभाग ने जांच आगे बढ़ाते हुए बकरी फार्म से सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ली और दो लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद कंडीशनल बेल पर छोड़ा गया है। अब वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम इस मामले की आगे जांच कर रही है।

डीएफओ नाहन अवनी भूषण राय ने बताया कि वन विभाग को सतीवाला पंचायत में एक कलवर्ट में तेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिली थी। सूचना मिलने पर वन विभाग ने श्री रेणुकाजी से वन्य प्राणी विभाग की टीम को मौके पर बुलाया। करीब तीन घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मादा तेंदुए को कलवर्ट से सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्राथमिक उपचार देने के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे नाहन से शिमला के टूटीकंडी स्थित एनिमल रेस्क्यू सेंटर भेजा गया, जहां उपचार के दौरान ही उसकी मौत हो गई थी। चूंकि, 2 साल की ये मादा तेंदुआ शेड्यूल-1 की प्रजाति में आती है, लिहाजा उसका पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में पता चला कि तेंदुए के शव पर कुत्तों के काटने के निशान मिले। साथ ही इसके पैर पर किसी धारदार हथियार से भी हमले का रिपोर्ट में खुलासा हुआ। उन्होंने बताया कि तेंदुए के पैरों में कुल 18 नाखून होते हैं। इनमें से अगले पैर से 4 नाखून गायब थे, जो किसी धारदार हथियार से काटे गए।

उन्होंने बताया कि 25 फरवरी को विभाग को तेंदुए की मौत की जानकारी मिली थी। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तेंदुए की मौत के कारणों की पुष्टि हुई। इसके बाद विभाग ने अपने लेवल पर एक टीम गठित की और मामले में आगामी जांच शुरू की। जैसे ही टीम बकरी फार्म जोगीबन पहुंची तो वहां लगे सीसीटीवी से फुटेज कब्जे में लिए। सीसीटीवी फुटेज से साफ पता चला कि तेंदुआ बाड़े में बंद था। वहां दो व्यक्ति एक फार्म का मालिक शक्ति उर्फ बंटी और दूसरा वहां काम करने वाला नीरज घटना के दिन बाड़े में मौजूद थे। दोनों के हाथों में धारदार हथियार थे। एक के हाथ में दराट तो दूसरे के हाथ में कुल्हाड़ी थी। साथ ही डंडे और पत्थर आदि भी उनके हाथ में थे। ये दोनों बाड़े के भीतर पहुंचते हैं। करीब 10-15 सेकंड बाद वहां से तेंदुआ बाहर निकला। इनके हाथ में धारदार हथियारों का होना पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मेल खाता है, जिसमें तेंदुए के पैर में किसी धारदार हथियार से वार करने की बात सामने आई है।

वहीं, टीम ने आरोपियों के रिहायशी मकान की भी तलाशी ली, जिसमें एक पिंजरे में बंद दो वन्य जीव (तोते) पाए गए। उन्होंने बताया कि इसके बाद वन विभाग की टीम ने दोनों आरोपियों को 3 मार्च की शाम को गिरफ्तार किया, जिन्हें 4 मार्च को अदालत के समक्ष पेश किया गया। अदालत से विभाग को पुलिस को साथ लेकर संयुक्त रूप से मामले की गहनता से जांच के आदेश आरोपियों को कंडीशनल बेल से साथ दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले की प्राथमिकी भी विभाग ने दर्ज करवाई है। अब वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम पूरे घटनाक्रम और तेंदुए के साथ हुई क्रूरता की गहन जांच कर रही है।

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