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राज्यसभा प्रत्याशी अनुराग ने नामांकन के बाद साझा किए भावुक पल, बोले- अब दिल्ली में गूंजेंगे हिमाचल के हक

Khabron wala 

हिमाचल प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा के लिए कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार के तौर पर नामांकन भरने के बाद अनुराग शर्मा ने उन लम्हों को साझा किया है, जिन्होंने उनकी पूरी दुनिया बदल दी। इसे महज एक टिकट नहीं, बल्कि हिमाचल की सियासत में ‘जमीनी कार्यकर्ता के पुनरुत्थान’ के तौर पर देखा जा रहा है।

जब सपना हकीकत में बदला: एक अनसुनी दास्तां

अनुराग शर्मा ने खुलासा किया कि उनके पास शीर्ष नेतृत्व का बुलावा उस दिन आया जब पूरा देश रंगों के उत्सव ‘होली’ में डूबा था। एआईसीसी (AICC) मुख्यालय से आए एक फोन कॉल ने उन्हें चौंका दिया। उन्हें निर्देश दिया गया कि वे राज्यसभा के लिए अपनी तैयारी और दस्तावेज मुकम्मल कर लें।

“उस वक्त मुझे लगा जैसे मैं कोई स्वप्न देख रहा हूँ। यह पल भावुक कर देने वाला था। पार्टी ने यह साबित कर दिया है कि संगठन में पद या रसूख नहीं, बल्कि निष्ठा और मेहनत सर्वोपरि है।”

नेताओं से बड़ा संगठन: कार्यकर्ताओं के लिए नया संदेश

अनुराग शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस आलाकमान का यह फैसला भविष्य के लिए एक बड़ा संकेत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी मंत्री या विधायक से बड़ा पार्टी का कार्यकर्ता और संगठन होता है। यदि आज एक साधारण पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को यह अवसर मिला है, तो कल किसी भी समर्पित कार्यकर्ता का नंबर लग सकता है। उन्होंने राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार का इस भरोसे के लिए शुक्रिया अदा किया।

दिल्ली में गूंजेंगे हिमाचल के हक: आरडीजी और मनरेगा प्राथमिकता

संसदीय पारी की शुरुआत से पहले ही शर्मा ने अपने तेवर साफ कर दिए हैं। उन्होंने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि वे सदन में हिमाचल के हितों की पुरजोर वकालत करेंगे।

राजस्व घाटा अनुदान (RDG): प्रदेश की आर्थिक सेहत के लिए इस अनुदान की लड़ाई लड़ना उनकी पहली प्राथमिकता होगी।

मनरेगा: ग्रामीण विकास के इस सबसे बड़े स्तंभ पर वे केंद्र से जवाब मांगेंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल के वर्तमान भाजपा सांसदों ने इन गंभीर विषयों पर चुप्पी साधे रखी और प्रदेश के साथ न्याय नहीं किया।

कांगड़ा बनेगा ‘कांग्रेस का किला’: मिशन रिपीट का संकल्प

आगामी चुनावी गणित पर बात करते हुए अनुराग शर्मा ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला मुख्यमंत्री सुक्खू के ‘मिशन रिपीट’ का मुख्य आधार बनेगा। उनका विश्वास है कि कांगड़ा की सभी 15 विधानसभा सीटें कांग्रेस के पाले में आएंगी। उन्होंने पुराने कांग्रेसियों के आत्मविश्वास को दोहराते हुए कहा कि वे उस विचारधारा के छात्र हैं, जो चुनाव के अंतिम दो महीनों में भी बाजी पलटना जानते हैं।

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