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हिमाचल में तेल-गैस संकट की खबरों पर मुख्य सचिव का बड़ा खुलासा, कालाबाजारी पर DC को मिले ये कड़े आदेश

Khabron wala

हिमाचल में पैट्रोल, डीजल, एलपीजी की कमी के भ्रामक प्रचार पर प्रदेश सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। प्रदेश मेें पैट्रोल, डीजल व एलपीजी की कोई कमी नहीं है। सोशल मीडिया पर चल रहे भ्रामक प्रचार को लेकर मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने बुधवार को सचिवालय में प्रदेश में पैट्रोल, डीजल, घरेलू व व्यावसायिक गैस ईंधन की उपलब्धता के बारे में समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के उच्च अधिकारियों व कंपनी प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में अभी केवल व्यावसायिक गैस सिलैंडर की आपूर्ति पर असर पड़ा है, लेकिन निजी व सरकारी अस्पतालों व शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर व्यावसायिक गैस सिलैंडरों की आपूर्ति की जा रही है। इसके अतिरिक्त प्रदेश में लगभग 15,000 व्यावसायिक गैस सिलैंडर उपलब्ध हैं, जिन्हें होटल, रैस्टोरैंट व अन्य संस्थानों को उपलब्ध करवाया जा रहा है। मुख्य सचिव ने सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी किए कि प्रदेश में घरेलू गैस, पैट्रोल, डीजल को लेकर किसी प्रकार की कालाबाजारी व जमाखोरी न हो। इसके लिए प्रतिदिन समीक्षा की जाए।

सरकार ने प्रदेश के घरेलू गैस उपभोक्ताओं से अनुरोध किया कि सोशल मीडिया में चल रहे भ्रामक प्रचार के चलते हड़बड़ाहट में अनावश्यक गैस बुकिंग करने से बचें व धैर्य बनाए रखें। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम, निदेशक खाद्य आपूर्ति विभाग राम कुमार गौतम, अतिरिक्त निदेशक सुरेन्द्र राठौर, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड शिमला के डिवीजनल रिटेल सेल्स हैड इन्द्र लाल नेगी, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के मंडल एलपीजी विक्रय प्रमुख मोहम्मद आमीन व एलपीजी शिमला के क्षेत्र अधिकारी नितिन टंडन ने भाग लिया।

एलपीजी वितरण केंद्र का जिम्मा : मुख्यमंत्री
उधर, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अमरीका-इसराईल की तरफ से ईरान पर हमले के कारण एलपीजी की कमी को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि यह जिम्मा केंद्र सरकार का है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस पर अपनी चिंता व्यक्त की है और राज्य सरकार उससे पूरी तरह से अवगत है।

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