पांवटा साहिब नगर परिषद में इस बार अध्यक्ष पद को महिला वर्ग के लिए आरक्षित किए जाने के फैसले के बाद क्षेत्र की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल रही है। इस निर्णय से जहां महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं स्थानीय स्तर पर चुनावी माहौल भी गरमा गया है।
नगर परिषद के आगामी गठन को लेकर अब सभी राजनीतिक दल और निर्दलीय उम्मीदवार अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। खासकर महिला उम्मीदवारों के बीच इस पद को लेकर उत्साह साफ नजर आ रहा है। कई सामाजिक कार्यों में सक्रिय महिलाएं अब खुलकर मैदान में उतरने की तैयारी कर रही हैं।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि महिला उपाध्यक्ष बनने से शहर के विकास कार्यों में संवेदनशीलता और पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही, महिलाओं से जुड़े मुद्दों जैसे स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, कई दावेदारों ने अंदरखाते राजनीतिक संप
र्क भी तेज कर दिए हैं और समर्थन जुटाने की कोशिशें शुरू हो चुकी हैं। वार्ड स्तर पर बैठकों का दौर भी जारी है, जहां संभावित उम्मीदवार अपनी पकड़ मजबूत करने में लगे हुए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस बार का चुनाव काफी दिलचस्प होने वाला है, क्योंकि महिला आरक्षण के चलते नए चेहरे सामने आएंगे और पारंपरिक समीकरणों में बदलाव देखने को मिलेगा।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि कौन सी महिला उम्मीदवार इस अहम पद पर अपनी मजबूत दावेदारी पेश करती है और अंततः जनता का विश्वास जीतकर उपाध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचती है।











