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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में मिड डे मील योजना पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है. प्राथमिक स्कूलों में एलपीजी गैस सिलेंडर की भारी कमी के कारण बच्चों के लिए बनने वाला भोजन प्रभावित हो रहा है. हालात ऐसे बन गए हैं कि कई जगहों पर अध्यापकों को अपने घरों से गैस सिलेंडर लाकर किसी तरह व्यवस्था चलानी पड़ रही है. खंड कुल्लू-1 के करीब 30 से ज्यादा प्राथमिक विद्यालयों में गैस सिलेंडर की कमी सामने आई है. राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ (PTF) कुल्लू-1 के अनुसार, कई स्कूलों में मिड डे मील बनाना मुश्किल हो गया है. कुछ जगहों पर खाना समय पर नहीं बन पा रहा, जिससे बच्चों को परेशानी हो रही है. स्कूल प्रशासन और शिक्षक लगातार इस समस्या से जूझ रहे हैं.
गैस एजेंसियों पर लापरवाही के आरोप
शिक्षक संघ का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित गैस एजेंसियों को सूचित किया गया, लेकिन 5-6 दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस समाधान नहीं निकला. इससे स्कूलों में स्थिति और खराब होती जा रही है. संघ ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है.
PTF कुल्लू-1 के पदाधिकारियों ने मंगलवार को उपायुक्त कुल्लू और जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक से मुलाकात कर इस मुद्दे को उठाया. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गैस सिलेंडर की नियमित आपूर्ति शुरू नहीं की गई, तो मिड डे मील योजना पूरी तरह बंद हो सकती है. इससे बच्चों की उपस्थिति और पोषण दोनों पर असर पड़ेगा.
मिड डे मील योजना बच्चों के पोषण और स्कूल में उनकी नियमित उपस्थिति के लिए बेहद जरूरी मानी जाती है. अगर यह योजना बाधित होती है, तो इसका सीधा असर बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा पर पड़ेगा. शिक्षक संघ ने प्रशासन से अपील की है कि इस समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए.










