शिमला पुलिस का नशे के खिलाफ बड़ा एक्शन, मास्टरमाइंड ‘टिटला’ समेत 3 चिट्टा तस्कर पहुंचाए सलाखों के पीछे

Khabron wala

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नशा माफिया के खिलाफ पुलिस ने जीरो टॉलरैंस की नीति अपनाते हुए पिछले 24 घंटों में बड़ी कामयाबी हासिल की है। जिला पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत ढली, तारादेवी और संकट मोचन जैसे क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी की, जिसमें भारी मात्रा में चिट्टा बरामद किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में मुख्य सप्लायर सहित कुल 3 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है। पकड़े गए सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है ताकि नैटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।

ढली में 36 ग्राम चिट्टे के साथ युवक गिरफ्तार
पहले मामले में पुलिस थाना संजौली के तहत स्पैशल सैल की टीम ने समिट्री ढली टनल के पास एक गुप्त सूचना के आधार पर नाकाबंदी की थी। तलाशी के दौरान कोटखाई निवासी रुब्बल जदैईक (32) के बैग से 36.050 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है।

टैक्सी में चिट्टा ला रहा युवक संकट मोचन के पास धरा
दूसरे मामले में स्पैशल सैल को सूचना मिली कि एक युवक चंडीगढ़ से किराए की टैक्सी में नशा लेकर शिमला आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने संकट मोचन के पास जाल बिछाया और टैक्सी को रोका। तलाशी के दौरान कुपवी निवासी रितिक ठाकुर (26) के कब्जे से 5.37 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। इस मामले में पुलिस थाना बालूगंज में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत अभियोग दर्ज कर लिया गया है।

बैकवर्ड लिंकेज से मुख्य सप्लायर बादल उर्फ टिटला का पर्दाफाश
शिमला पुलिस का ध्यान सिर्फ नशा करने वालों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह इस नैटवर्क की जड़ें खोदने पर काम कर रही है। पुलिस ने थाना बालूगंज में दर्ज एक पुराने मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पूर्व में पकड़े गए रिशव कुमार (जिसके पास से 8 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था) के केस की बैकवर्ड लिंकेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन के विश्लेषण से पता चला कि कोटखाई निवासी बादल उर्फ टिटला ही रिशव को नशे की खेप सप्लाई करता था। पुलिस ने मुख्य सप्लायर बादल को गिरफ्तार कर लिया है और उसे 27 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।

एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने मामलों की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस की रणनीति स्पष्ट है…केवल नशा तस्करों को पकड़ना काफी नहीं है, बल्कि बैकवर्ड लिंकेज के जरिए उन मुख्य सप्लायरों तक पहुंचना है, जो पर्दे के पीछे से इस अवैध धंधे को संचालित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल डेटा और बैंक खातों का गहन विश्लेषण कर रही है ताकि इस नैटवर्क से जुड़े अन्य नामों का खुलासा हो सके। एसएसपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि नशे के कारोबार में जो कोई भी संलिप्त पाया जाएगा, उसे कतई बख्शा नहीं जाएगा।

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