‘ये मेरा आखिरी चुनाव, जीतकर भगवान के पास जाना चाहता हूं’, 92 साल के पूर्व सीएम हुए भावुक

Khabron wala 

हिमाचल प्रदेश में नगर निगम चुनावों को लेकर हलचल तेज हो गई है. कांग्रेस और भाजपा के दिग्गज नेता इस चुनावी रण में कूद चुके हैं और नगर निगम चुनावों में अपनी-अपनी जीत की दावेदारी ठोक रहे हैं. इस कड़ी में 92 साल के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार भी चुनावी मैदान में आ गए हैं. पूर्व सीएम शांता कुमार ने कहा कि पालमपुर नगर निगम चुनाव में भाजपा की जीत तय है और पार्टी पालमपुर के विकास में रह रही कमियों को पूरा करेगी. उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरने का आह्वान किया और कहा कि नगर निगम पर भाजपा का कब्जा होने के बाद पालमपुर को भी कांग्रेस मुक्त बनाया जाएगा.

‘2 सांसदों से केंद्र सरकार तक का सफर देखा’

भाजपा कार्यालय पालमपुर में सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत से उन्हें बेहद खुशी हुई है. उन्होंने कहा कि वह भारतीय जनसंघ के गठन काल से संगठन से जुड़े रहे हैं और 1951-53 में कानपुर में आयोजित जनसंघ की पहली बैठक सहित तमाम महत्वपूर्ण बैठकों के साक्षी रहे हैं. उन्होंने कहा कि मैंने भाजपा के संघर्ष और विस्तार दोनों के दौर देखे हैं. कभी सिर्फ सांसदों वाली भाजपा आज केंद्र समेत देश के 22 राज्यों में सरकार चला रही है. यह भाजपा और देश के लिए स्वर्णिम दौर है. उन्होंने कहा कि पार्टी की मजबूती कार्यकर्ताओं की निष्ठा और संगठन की एकजुटता का परिणाम है.

“मैं जीवन के अंतिम मोड़ पर हूं. अब पता नहीं मेरी आपसे कौन सी मुलाकात आखिरी हो. मुझे लगता है कि 2027 का चुनाव मेरे जीवन का आखिरी चुनाव होगा. मैं हार कर भगवान के पास नहीं जाना चाहता हूं, इसलिए मैंने यहां के कार्यकर्ताओं को कहा है कि अब एकजुट होकर जो भी चुनाव आए, उसे जीतें और 2027 के चुनाव के बाद मैं जब यहां से विदा होऊं और भगवान के पास जाऊं तो जीत कर जाऊं. ये मेरे मन की इच्छा है, इसलिए भाजपा कार्यकर्ता एकजुटता के साथ जुट जाएं. नगर निगम चुनाव से लेकर विधानसभा चुनाव तक भाजपा ही जीतेगी.” – शांता कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश

पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने नगर निगम चुनावों में पार्टी कार्यकर्ताओं की सक्रियता और एकता पर संतोष जताते हुए कहा कि पालमपुर में भाजपा का कमल खिलना तय है. उन्होंने कहा कि पालमपुर के विकास की नींव भाजपा ने रखी थी और अब जो कमियां रह गई हैं, उन्हें भी भाजपा सरकार पूरा करेगी. उन्होंने जनता से नगर निगम की जिम्मेदारी भाजपा को सौंपने की अपील करते हुए कहा कि विकास और समस्याओं के समाधान के लिए भाजपा प्रतिबद्ध है.

कौन हैं शांता कुमार ?

शांता कुमार दो बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. वो पहली बार जनता पार्टी से साल 1977 से 1980 के बीच सीएम रहे और फिर 1990 से 1992 के बीच बीजेपी से मुख्यमंत्री रहे. साल 1934 में कांगड़ा जिले में जन्मे शांता कुमार ने 1963 में अपनी ही ग्राम पंचायत के एक पंच के तौर पर सियासी पारी का आगाज किया था. आज उनकी गिनती देश के सबसे कद्दावर राजनेताओं में है. वो विधायक से लेकर सांसद और नेता प्रतिपक्ष से लेकर केंद्रीय मंत्री तक के तौर पर जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की कमी को दूर करने और घरों तक पानी पहुंचाने के लिए उनके द्वारा उठाए गए कदमों की बदौलत ही उन्हें पानी वाले मुख्यमंत्री के रूप में आज भी याद किया जाता है.

पालमपुर रोपवे परियोजना का किया जिक्र

इस दौरान शांता कुमार ने पालमपुर रोपवे परियोजना का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि सरकार बदलने के कारण उनका यह सपना अधूरा रह गया था, जिसका उन्हें दुख है. उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश और नगर निगम दोनों जगह भाजपा का शासन होने पर यह महत्वाकांक्षी परियोजना अवश्य पूरी होगी. उन्होंने कहा कि पालमपुर रोपवे केवल शहर ही नहीं बल्कि पूरे कांगड़ा जिले को विश्व पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिला सकता है. इस दौरान भावुक अंदाज में शांता कुमार ने कहा कि नगर निगम और आगामी विधानसभा चुनाव उनके राजनीतिक जीवन के अंतिम चुनाव हो सकते हैं और वह हार के साथ अपनी अंतिम यात्रा नहीं देखना चाहते. उन्होंने कहा कि पुराने और नए सभी भाजपा कार्यकर्ता एक मंच पर आकर पार्टी को मजबूत करने का काम करेंगे.

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