Khabron wala
नावर क्षेत्र की शरोंथा पंचायत के घराला गांव का एक परिवार पिछले 17 दिनों से अनिश्चितता और इंतजार की पीड़ा झेल रहा है। 28 वर्षीय पूजा 27 मई की सुबह घर से यह कहकर निकली थी कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है और वह उपचार के लिए रोहड़ू अस्पताल जा रही है। इसके बाद वह घर नहीं लौटी और तब से उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
‘मम्मी कब आएंगी?’
पूजा के लापता होने से सबसे ज्यादा व्यथित उसका मासूम बेटा है, जिसकी नजरें हर दिन घर के दरवाजे पर टिकी रहती हैं। मां की याद में उसकी आंखें नम हैं और वह बार-बार एक ही सवाल पूछता है मम्मी कब आएंगी? परिवार की यह बेबसी गांव भर में चर्चा का विषय बनी हुई है। पंजाब केसरी से विशेष वार्ता में पति अमन बाल्टा ने बताया कि पूजा ने अस्पताल से अपने मायके कोटखाई के गरावग जाने की बात कही थी। सुबह करीब 11 बजे ओल्ड बस स्टैंड रोहड़ू के पास उससे फोन पर आखिरी बार बातचीत हुई थी, लेकिन दोपहर बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। जब शाम तक कोई संपर्क नहीं हुआ तो ससुराल पक्ष से पूछताछ की गई, जहां पता चला कि वह वहां भी नहीं पहुंची थी। अमन बाल्टा ने पुलिस चौकी टिक्कर में शिकायत दर्ज करवाई है।
मानसिक तनाव में परिवार
वहीं, मायका पक्ष भी बेटी के अचानक गायब होने से गहरी चिंता में है। पति अमन बाल्टा का कहना है कि पिछले 16 दिनों से पूरा परिवार मानसिक तनाव में है। पत्नी की गुमशुदगी से व्यथित पति अमन बाल्टा ने टिक्कर निवासी एवं शिमला शहरी विधायक हरीश जनारटा से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप और सहायता की मांग की है। उधर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिमला गौरव सिंह ने कहा कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और लापता महिला की तलाश के लिए लगातार प्रयास जारी है।








