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हिमाचल प्रदेश के जिला लाहौल-स्पीति में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच इंसानियत की एक दिल छू लेने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां उफनते जाहलमा नाले के कारण जब एक गंभीर मरीज का अस्पताल पहुंचना नामुमकिन हो गया, तब सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के जवान देवदूत बनकर सामने आए। जवानों ने अपनी सूझबूझ से एलएनटी मशीन (एक्सक्वेटर) की मदद से महिला को सुरक्षित नाला पार करवाया, जिससे समय रहते उसे बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भेजा जा सका।
सुरक्षा के चलते बंद किया गया था रास्ता
जानकारी के अनुसार बीते बुधवार की शाम लाहौल-स्पीति के जाहलमा नाले में पानी का बहाव अचानक बेहद तेज हो गया था। हालात और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए बीआरओ ने अस्थायी सड़क पर लगाए गए आरसीसी पाइप और पैदल आवाजाही के लिए बनाए गए गार्डर को हटा दिया था। इसके चलते नाले के आर-पार जाने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया था।
अस्पताल जाने के लिए बीच में फंसी मरीज
इसी दौरान शैनूर गांव की रहने वाली शांति देवी के लिए यह बंद रास्ता जानलेवा चुनौती बन गया। उनका इलाज उदयपुर सिविल अस्पताल में चल रहा था। डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें छाती में संक्रमण था और सांस लेने में भारी परेशानी हो रही थी। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत बेहतर इलाज के लिए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू रैफर कर दिया, लेकिन रास्ता बंद होने के कारण एंबुलैंस का जाना संभव नहीं था।
मरीज की जान खतरे में देख सीमा सड़क संगठन ने तत्परता दिखाई और मौके पर एलएनटी मशीन का इस्तेमाल किया। बीआरओ कर्मचारियों ने पूरे एहतियात के साथ बीमार महिला को मशीन के आगे लगे बकेट में बिठाया और उफनते हुए पानी के बीच से सुरक्षित नाले के दूसरी ओर पहुंचा दिया। नाले के उस पार पहले से ही एक एंबुलैंस को तैयार रखा गया था, जिसमें शिफ्ट कर महिला को तुरंत क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के लिए रवाना कर दिया गया।
सोशल मीडिया पर हो रही जमकर तारीफ
खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच किए गए इस अनोखे रैस्क्यू का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग सीमा सड़क संगठन के कर्मचारियों की सूझबूझ, मुस्तैदी और इंसानियत की जमकर सराहना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि बीआरओ की इसी त्वरित कार्रवाई के कारण ही एक गंभीर मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाना संभव हो सका।











