Khabron wala
हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ में वन माफिया के खिलाफ वन विभाग ने एक बड़ी और सफल कार्रवाई की है। शुक्रवार तड़के वन खंड नालागढ़ की टीम ने लाखों रुपए कीमत की अवैध खैर की लकड़ी की एक बड़ी खेप पकड़ी है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे 2 वाहनों को जब्त कर 2 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार वन खंड अधिकारी राजेश कुमार के नेतृत्व में वन रक्षक विशाखा, संजीव, समीर, अजय और अन्य वन कर्मियों की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। शुक्रवार तड़के करीब पौने 3 बजे टीम वन बीट हटडा क्षेत्र में गश्त पर थी। इसी दौरान माजरी स्थित झिंडीवाला-भोगपुर रोड की ओर से आ रहे एक संदिग्ध वाहन को टीम ने चैकिंग के लिए रोका। जब वाहन की तलाशी ली गई, तो उसमें अवैध रूप से काटे गए खैर के मौछे लदे हुए पाए गए। पकड़े गए वाहन के चालक की पहचान नेक राम के रूप में हुई है। जब वन विभाग की टीम ने उससे लकड़ी से संबंधित दस्तावेज मांगे, तो वह कोई भी वैध कागज नहीं दिखा सका। विभाग के अनुसार पकड़ी गई इस खैर की लकड़ी की कीमत लाखों रुपए में आंकी गई है।
तस्करों ने लकड़ी की इस खेप को सुरक्षित निकालने के लिए पूरी प्लानिंग की हुई थी। लकड़ी से भरे वाहन के आगे-आगे एक ऑल्टो कार रैकी करते हुए चल रही थी, ताकि रास्ते में पुलिस या वन विभाग की भनक लग सके, लेकिन वन विभाग की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस ऑल्टो कार को भी पकड़ लिया। कार को झीड़ीवाला निवासी वीरू चला रहा था। इसके अलावा, प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरी तस्करी की वारदात में बद्दी के बिलांवाली निवासी मुस्ताक नामक एक अन्य व्यक्ति की भी संलिप्तता है।
वन विभाग ने दभोटा पुलिस चौकी को सौंपा मामला
वन विभाग की टीम ने बरामद खैर की लकड़ी और दोनों वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया है। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ आगामी कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करवाने के लिए पूरा मामला पुलिस चौकी दभोटा को सौंप दिया गया। एएसपी अशोक वर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि दभोटा पुलिस ने वन विभाग की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस पूरे नैटवर्क की जांच कर रही है।









