Khabron wala
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में असामाजिक तत्वों के हौसले किस कदर बुलंद हो चुके हैं, इसका ताजा और हैरान करने वाला उदाहरण पुलिस लाइन भराड़ी के समीप देखने को मिला है। अपराधियों में खाकी का खौफ इस कदर खत्म हो चुका है कि उन्होंने पुलिस लाइन के बिल्कुल समीप ही एक कार को आग के हवाले कर दिया। सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि जलाई गई यह कार किसी आम नागरिक की नहीं, बल्कि पुलिस मुख्यालय शिमला में कार्यरत एक कर्मचारी की थी।
जानकारी के अनुसार सोमवार रात पुलिस लाइन भराड़ी के समीप चैपसली स्कूल मोड़ के पास अज्ञात असामाजिक तत्वों ने एक कार में आग लगा दी। आगजनी की इस घटना में कार धू-धू कर पूरी तरह जल गई। पुलिस के अनुसार यह कार पुलिस मुख्यालय शिमला में तैनात कर्मचारी इंद्र सिंह की है। पुलिस लाइन के इतने करीब हुई इस दुस्साहसिक घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत और पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी रोष है।
इस घटना पर वार्ड नंबर-1 की पार्षद मीना चौहान ने कड़ी आपत्ति जताते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस क्षेत्र में बाहरी इलाकों से असामाजिक तत्व आते हैं, जो गाड़ियों में बैठकर सरेआम नशा करते हैं और रात के समय भारी शोर-शराबा व हुड़दंग मचाते हैं। पार्षद मीना चौहान ने पुलिस की लापरवाही को उजागर करते हुए दावा किया कि इलाके में होने वाली चोरी की वारदातों के वीडियो साक्ष्य कई बार पुलिस अधिकारियों और संबंधित पुलिस चौकी को सौंपे गए हैं। इसके बावजूद पुलिस द्वारा कोई भी प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसी ढिलाई का नतीजा है कि आज अपराधियों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि वे पुलिस लाइन के पास ही गाड़ियां फूंक रहे हैं।
पार्षद और स्थानीय जनता ने प्रशासन से सख्त मांग की है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की जल्द से जल्द पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही क्षेत्र में नियमित रात्रि पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, ताकि स्थानीय लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।







