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हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के बघाट बैंक का करोड़ों रुपये का ऋण न चुकाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की गई है। सहायक पंजीयक की अदालत के आदेशों के बाद पुलिस ने गुरुवार को पांच डिफाल्टरों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें सोलन और सिरमौर जिला के डिफाल्टर बताए जा रहे हैं। इन डिफाल्टरों के खिलाफ बीते सप्ताह गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे। यह गिरफ्तारी लंबे समय से लंबित ऋण वसूली को लेकर की गई। दोपहर को इन डिफाल्टरों को गिरफ्तार किया गया। उन्हें सहायक पंजीयक के पास पेश किया जाएगा। इस दौरान सहायक पंजीयक की अदालत में अब इन पर कार्रवाई होना तय है।
गिरफ्तार किए गए डिफाल्टरों पर बघाट बैंक का करोड़ों रुपये का बकाया है। ये डिफाल्टर लंबे समय से बैंक का ऋण चुकाने में आनाकानी कर रहे थे। बैंक प्रबंधन ने कई बार नोटिस जारी किए थे, लेकिन कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद बैंक ने कानूनी कार्रवाई का सहारा लिया। बैंक प्रबंधकों ने करीब 200 डिफाल्टरों की सूची सहायक पंजीयक को सौंपी है, जिन्होंने लंबे समय से ऋण नहीं चुकाया है। इनमें से बीते सप्ताह करीब 115 डिफाल्टरों को गैर जमानती वारंट जारी हुए थे। पुलिस ने इन वारंटों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पांच डिफाल्टरों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
बघाट बैंक में डिफाल्टरों के वारंट जारी होने के बाद करीब 22 लाख रुपये की रिकवरी हो गई है। गिरफ्तारी से बचने के लिए इसमें कुछ डिफाल्टरों ने पैसे भी जमा करवाए हैं। हालांकि, यह छोटे डिफाल्टर हैं। बड़े डिफाल्टर अभी भी चुप बैठे हुए हैं। वह एक भी किस्त नहीं भर रहे। वहीं उनकी संपत्ति की नीलामी भी नहीं हो पा रही, क्योंकि उन्होंने ऐसी संपत्ति बैंक के पास रखी है, जिसकी वैल्यू काफी कम है। एक संपत्ति को कब्जे में लेने से पहले एक कांग्रेस नेता ने भी बैंक में इसी माह खूब हंगामा किया था। शायद यही कारण है कि अभी भी पुलिस उन पर हाथ नहीं डाल रही है।
सहायक पंजीयक की अदालत से वारंट जारी होने के बाद वीरवार को पांच डिफाल्टरों को गिरफ्तार किया गया। उन्हें सहायक पंजीयक की अदालत में पेश किया जाएगा। आगामी कार्रवाई सहायक पंजीयक ही करेंगे। -टी एसडी वर्मा, एसपी सोलन
