पांवटा साहिब के वार्ड नंबर 10 में राम मंदिर जमीन पर प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा है। राम मंदिर की जमीन पर अपनी प्लोटिंग के लिए रास्ता बनाया जा रहा है।
पहले अयोध्या में राम मंदिर से 200 करोड़ रुपए चोरी हो गए और अब पांवटा साहिब देईजी साहिबा राम मंदिर से जमीन चोरी की जा रही है वह भी तहसील और प्रशासन के नाक के नीचे से। बता दे की पांवटा साहिब के वार्ड नंबर 10, में ट्रीटमेंट प्लांट के पास एक बहुत बड़ी प्रॉपर्टी पर प्लाटिंग की जा रही है। इस प्लाटिंग के लिए जो रास्ता जुड़ता है वह काफी सुनसान यमुना की ओर से है। जिसके काम कोई भी यहां पर जमीन लेना नहीं चाहता। लेकिन आप प्रॉपर्टी डीलरों में एक नया रास्ता खोज लिया है उन्होंने मंदिर की जमीन पर कब्जा कर वहां से रास्ता बना लिया है जिसके कारण उनकी प्रॉपर्टी थी दम रातों रात लाखों से करोड़ों में हो गये ।अपनी प्रॉपर्टी के दाम बढ़ाने के लिए प्रॉपर्टी डीलरों ने राम मंदिर जमीन पर जेसीबी लगाकर पहले खुदाई की और अब यहां पर रास्ता तैयार किया जा रहा है
वही आपको बता दे कि गत वर्षो में देई जी साहिबा राम मंदिर की जमीन को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने डीसी सिरमौर, एसडीएम पांवटा साहिब और तहसीलदार को राम मंदिर जमीन का अधिकारी नियुक्त किया है और उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है कि राम मंदिर के जमीन पर अब कोई कब्जा न कर पाए और मंदिर की जमीन को बचाया जा सके। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा उक्त सभी प्रशासनिक अधिकारियों को पर्सनल तौर पर राम मंदिर जमीन की देखरेख का कार्य सौंपा है।
बता दें कि इसके लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा रिटायर्ड कानूनगो को मंदिर की जमीन की देख रेख के लिए नियुक्त किया गया है, और उन्हें इसके लिए तनख्वाह भी दी जाती है बावजूद इसके लगातार राम मंदिर के जमीनों पर विशेष तौर पर प्रॉपर्टी डीलर अपनी प्लाटिंग के लिए रास्ते बनाकर न केवल कब्ज़ा कर रहे हैं बल्कि प्रॉपर्टी के दम पर करोड़ अरबो रुपए कमा रहे हैं। आपको बता दे की उक्त मामले में कांग्रेस मंडल के एक बड़े नेता का नाम भी सामने आ रहा है वह भी राम मंदिर भूमि पर रास्ता निकाल कर अवैध तरीके से प्रॉपर्टी बेचने का काम कर रहा है।
पहले भी इस भूमि पर नगर पालिका द्वारा पार्षद की रिपोर्ट के आधार पर अवैध रूप से रास्ता बना दिया गया है जिसकी रिपोर्ट पटवारी द्वारा तहसील कार्यालय में भेजी गई थी परंतु अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है और बिना रास्ते की जगह पर करोड़ों रुपए की कोठियाँ बना दी गई है
वही इस बारे में पूर्व में नगर परिषद उपाध्यक्ष रहे नवीन शर्मा ने कहा कि राम मंदिर कि जमीन पर जिस तरह से खुले तौर पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं यह बेहद शर्मनाक है उन्होंने कहा कि रास्ता बंद करना चाहिए और मंदिर भूमि से कब्जा हटना चाहिए । उन्होंने कहा अगर स्थानीय प्रशासन ने राम मंदिर भूमि को लेकर गंभीरता से सख़्त कार्रवाई नहीं की तो वह इसके लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
वही इस बारे में तहसीलदार पांवटा साहिब मस्तराम शर्मा से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर विषय है कि राम मंदिर भूमि पर कब्जा करने की शिकायत सामने आ रही है उन्होंने कहा कि वह मौके पर अधिकारियों को भेज कर सख्त कार्रवाई के निर्देश देंगे।


