Khabron wala
कांगड़ा (कालड़ा): कांगड़ा के खोली गांव की 38 वर्षीय विवाहिता पूजा देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में शुक्रवार को एक नया मोड़ सामने आ गया। मृतका के मायका पक्ष की शिकायत पर पुलिस द्वारा पति समेत पांच लोगों को हिरासत में लिए जाने के बाद ससुराल पक्ष के समर्थन में पंचायत प्रधान की अगुवाई में सैंकड़ों ग्रामीण कांगड़ा पुलिस थाने पहुंच गए। ग्रामीणों ने पुलिस से मामले की गहन और निष्पक्ष जांच करने की पुरजोर मांग की है।
2 छोटी बेटियों के भविष्य पर जताई चिंता
थाने पहुंचे ग्रामीणों और पंचायत प्रधान ने दावा किया कि पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए ससुराल पक्ष के सभी लोग बेगुनाह हैं। उनका कहना था कि बिना पूरी जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। प्रधान ने एक गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि परिवार के सभी सदस्यों (पति, सास, ससुर, जेठ और जेठानी) को पुलिस हिरासत में ही रखा गया, तो पीछे छूट गई मृतका की दो छोटी-छोटी बेटियों का पालन-पोषण कौन करेगा? उनका भविष्य क्या होगा? ग्रामीणों ने पुलिस से इस मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया।
किसी निर्दोष के साथ नहीं होगा अन्याय: थाना प्रभारी
ग्रामीणों की चिंताओं का जवाब देते हुए थाना प्रभारी संजीव कुमार ने उन्हें आश्वस्त किया कि पुलिस की पूरी कार्रवाई कानून और निर्धारित नियमों के दायरे में की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले के हरेक पहलू की बारीकी से जांच हो रही है और किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। थाना प्रभारी ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और पुलिस की जांच प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की।
अदालत में पेश किए जाएंगे आरोपी
पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी है कि हिरासत में लिए गए सभी पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस अदालत से आरोपियों की रिमांड मांगेगी, ताकि पूछताछ के जरिए मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि खोली गांव की पूजा देवी की हाल ही में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इसके बाद मृतका के मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति, सास, ससुर, जेठ और जेठानी के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया है। अब पूरा गांव ससुराल पक्ष के समर्थन में उतर आने से यह मामला सामाजिक और कानूनी तौर पर और अधिक संवेदनशील व चर्चा का विषय बन गया है।



