अंबाला में करोड़ों की मिशन भूमि फर्जी दस्तावेजों से बेचने का आरोप, 16 लोगों पर केस दर्ज , हिमाचल प्रदेश के सोलन में हुई थी फर्जी जीपीए
पुलिस को दी शिकायत में फिलाडेल्फिया अस्पताल के निदेशक डॉ. सुनील सादिक ने बताया कि सिटी स्थित मिशन कंपाउंड की संपत्ति का मालिकाना हक चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया ट्रस्ट एसोसिएशन के पास है। आरोप है कि पंजाब के जीरा क्षेत्र में यूनाइटेड चर्च ऑफ नॉर्दर्न इंडिया के नाम से फर्जी संस्था व सिनॉड का आवरण तैयार कर पंजाब के गोबिंदगढ़ निवासी जोसेफ विलियम ने स्वयं को इसका अटॉर्नी घोषित किया। आरोपी ने उप-रजिस्ट्रार सोलन के राम शहर के कार्यालय से कूटरचित जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी पंजीकृत करवाई।
अंबाला सिटी स्थित फिलाडेल्फिया अस्पताल एवं सीएनआई चर्च कंपाउंड की करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन को कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेचने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आर्थिक अपराध शाखा की जांच में सामने आया कि हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के रामशहर उप-पंजीयक कार्यालय में कथित रूप से फर्जी जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी पंजीकृत करवाई गई, जिसके आधार पर अंबाला सिटी में चार रजिस्ट्रियां कर दी गईं।
फिलाडेल्फिया अस्पताल के निदेशक डॉ. सुनील सादिक की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में कथित अटॉर्नी होल्डर, खरीदारों, गवाहों और स्थानीय सहयोगियों सहित 16 लोगों को नामजद किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया ट्रस्ट एसोसिएशन की संपत्ति को हड़पने के उद्देश्य से फर्जी संस्था और फर्जी अधिकार पत्र तैयार कर धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया।
1971 की निरस्त डीड के आधार पर हुईं रजिस्ट्रियां
शिकायत के अनुसार, जिस 19 मार्च 1971 की ट्रांसफर डीड के आधार पर जमीन बेची गई, उसे वर्ष 1993 में अंबाला सिटी की अदालत द्वारा अवैध और शून्य घोषित किया जा चुका था। इसके बावजूद अप्रैल और मई 2026 में चार अलग-अलग बिक्री विलेख (सेल डीड) निष्पादित कर दिए गए।
इनमें:
* सेल डीड संख्या 555 – ₹70 लाख
* सेल डीड संख्या 556 – ₹65 लाख
* सेल डीड संख्या 858 – ₹25 लाख
* सेल डीड संख्या 859 – ₹25 लाख
के माध्यम से विभिन्न खरीदारों के नाम संपत्ति का हस्तांतरण किया गया।
फर्जी प्रॉपर्टी आईडी बनाने का भी आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित संपत्ति का कोई वैध प्लॉट नंबर या प्रॉपर्टी आईडी मौजूद नहीं थी। इसके बावजूद नगर निगम अंबाला के पोर्टल पर कथित मिलीभगत से फर्जी प्रॉपर्टी आईडी तैयार कर रजिस्ट्रियों की प्रक्रिया पूरी की गई।
2005 में भी हुआ था ऐसा प्रयास
बताया गया कि वर्ष 2005 में भी इसी मिशन भूमि को फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से हड़पने का प्रयास हुआ था। उस मामले में भी एफआईआर दर्ज हुई थी और दोषियों को सजा मिली थी। अब एक बार फिर उसी संपत्ति से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
थाना प्रभारी अंबाला सिटी ने बताया कि आर्थिक अपराध शाखा की जांच रिपोर्ट के आधार पर 16 आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है तथा जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

