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भारतीय सेना के पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल विश्वनाथ नारायण शर्मा (वीएन शर्मा) का शुक्रवार को नई दिल्ली में 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से न केवल भारतीय सेना, बल्कि हिमाचल प्रदेश, विशेषकर पालमपुर क्षेत्र ने अपना एक गौरवशाली सपूत खो दिया। जनरल वीएन शर्मा वर्ष 1988 से 1990 तक भारतीय सेना के 15वें थल सेनाध्यक्ष रहे और अपने उत्कृष्ट सैन्य नेतृत्व, अनुशासन तथा राष्ट्र सेवा के लिए सदैव याद किए जाएंगे।
परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा के छोटे भाई थे जनरल वीएन शर्मा
कांगड़ा जिले के पालमपुर उपमंडल के डाढ गांव से संबंध रखने वाले जनरल शर्मा स्वतंत्र भारत के प्रथम परमवीर चक्र विजेता शहीद मेजर सोमनाथ शर्मा के छोटे भाई थे। वर्ष 1950 में भारतीय सेना की 16वीं लाइट कैवेलरी में कमीशन प्राप्त करने के बाद उन्होंने लगभग 4 दशक तक देश की सेवा की। अपने कार्यकाल में उन्होंने श्रीलंका में भारतीय शांति सेना के अभियान तथा पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा चुनौतियों के दौरान सेना का सफल नेतृत्व किया। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक और अति विशिष्ट सेवा पदक सहित अनेक सैन्य सम्मान प्राप्त हुए।
परिवार की 3 पीढ़ियों ने की देश की सेवा
जनरल वीएन शर्मा ऐसे गौरवशाली सैन्य परिवार से थे, जिसकी 3 पीढ़ियों ने देश की सेवा की। उनके पिता मेजर जनरल अमर नाथ शर्मा सेना चिकित्सा सेवा के वरिष्ठ अधिकारी रहे, बड़े भाई मेजर सोमनाथ शर्मा को 1947 के कश्मीर युद्ध में सर्वोच्च वीरता सम्मान परमवीर चक्र (मरणोपरांत) मिला, जबकि दूसरे भाई लैफ्टिनैंट जनरल सुरेंद्र नाथ शर्मा भारतीय सेना में इंजीनियर-इन-चीफ रहे। उनकी बहन ने भी आर्मी मैडीकल कोर में ब्रिगेडियर के रूप में सेवाएं दीं। सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका अपने पैतृक गांव डाढ से गहरा लगाव बना रहा। गत वर्ष जून में उन्होंने गांव पहुंचकर मेजर सोमनाथ शर्मा के नाम पर विकसित किए जा रहे वन विहार के शिलान्यास समारोह में भाग लिया था।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जनरल वीएन शर्मा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनका उत्कृष्ट सैन्य नेतृत्व, कर्त्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
