माजरा क्षेत्र में भूमि की निशानदेही करवाने और कथित भूमि विवाद को निपटाने के नाम पर 10 लाख रुपये की मांग किए जाने के मामले में चारों आरोपियों कि जमानत याचिका हाई कोर्ट से रद्द हो गई है । शिकायत के आधार पर माजरा पुलिस ने फील्ड कानूनगो परमजीत समेत कुल चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था । वहीं, आरोपियों की ओर से अदालत में दायर अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज होने की जानकारी सामने आई है।
शिकायतकर्ता रफीक को के अनुसार उसने धौलाकुआं क्षेत्र में करीब 11 बीघा जमीन खरीदी थी। कुछ समय बाद जब उसने जमीन की निशानदेही के लिए आवेदन किया तो उसे पता चला कि उक्त भूमि को लेकर पहले से न्यायालय में मामला चल रहा है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि भूमि विवाद को निपटाने और निशानदेही करवाने के संबंध में कानूनगो परमजीत ने उसे अपने घर बुलाया। शिकायत के अनुसार वहां पहले से तीन अन्य व्यक्ति मौजूद थे। आरोप है कि भूमि विवाद को खत्म करवाने के लिए उससे 10 लाख रुपये की मांग की गई, जिसमें से डेढ़ लाख रुपये मौके पर दे दिए गए, जबकि शेष 8.50 लाख रुपये बाद में देने की बात हुई।
शिकायतकर्ता का दावा है कि इसके बाद कानूनगो द्वारा भूमि की निशानदेही को लेकर कथित तौर पर टालमटोल की जाने लगी। साथ ही, अन्य आरोपियों पर उसे विवादित भूमि में न जाने के लिए धमकाने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसके पास पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। शिकायत मिलने के बाद माजरा पुलिस ने कानूनगो परमजीत, कुलदीप, रविंदर और धीरज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधीक्षक सिरमौर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। वहीं, आरोपियों की अग्रिम जमानत अदालत द्वारा खारिज किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।












