Khabron wala
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में साइबर शातिरों और ठगों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब लोगों की गाढ़ी कमाई उनके बैंक खातों में भी सुरक्षित नजर नहीं आ रही है। जिले में बैंक खातों से रहस्यमयी तरीके से रकम गायब होने के बढ़ते मामलों ने आम जनमानस को सकते में डाल दिया है। ताजा और बेहद चौंकाने वाला मामला भुंतर क्षेत्र से सामने आया है, जहां अज्ञात जालसाजों ने एक व्यक्ति के बैंक खाते में सेंध लगाकर महज दो दिनों के भीतर 11 लाख 32 हजार 702 रुपए की राशि पर हाथ साफ कर दिया। इस बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी के सामने आने के बाद से क्षेत्र के खाताधारकों में दहशत का माहौल है।
पुलिस में दर्ज करवाई गई शिकायत के मुताबिक इस वारदात का शिकार भुंतर निवासी राम पाल हुए हैं। घटना का खुलासा उस वक्त हुआ, जब पीड़ित ने सामान्य रूप से अपना मोबाइल फोन चैक किया। फोन की स्क्रीन देखते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई, क्योंकि मोबाइल के इनबॉक्स में बैंक से पैसे कटने के एक के बाद एक दर्जनों मैसेज आए हुए थे। जब उन्होंने घबराहट के बीच इन संदेशों की बारीकी से पड़ताल की, तो पता चला कि शातिरों ने दर्जनों ट्रांजैक्शन के जरिए उनके खाते को पूरी तरह से खंगाल दिया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि जालसाजों ने 13 और 14 अक्तूबर के बीच कुल 17 किस्तों में इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। 13 अक्तूबर को शातिरों ने नौ अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए खाते में सेंधमारी की, जिसमें एक लाख रुपए, तीन बार लगभग एक-एक लाख (99,999 व 99,998 रुपए) और 41,530 रुपए से लेकर 12,021 रुपए तक की विभिन्न राशियां निकाली गईं। इसके अगले ही दिन यानी 14 अक्तूबर को भी पैसों के कटने का यह सिलसिला बदस्तूर जारी रहा। इस दिन भी एक-एक लाख रुपए की तीन बड़ी किस्तों के साथ-साथ 98,782 रुपए, 92,684 रुपए, 69,861 रुपए, 33,370 रुपए व 19,998 रुपए सहित कुल आठ बार में रकम उड़ाई गई। दोनों दिनों में कुल मिलाकर 11,32,702 रुपए की राशि पीड़ित के खाते से साफ कर दी गई।
अपने साथ हुई इस बड़ी ठगी का अहसास होते ही पीड़ित राम पाल ने तुरंत पुलिस थाना भुंतर का रुख किया और मामले की शिकायत दर्ज करवाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लिया है। पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस की टीम अब मामले की गहनता से जांच में जुट गई है और उन संदिग्ध खातों व डिजिटल माध्यमों की तफ्तीश की जा रही है, जिनमें यह रकम ट्रांसफर हुई है।









