विदेश में नौकरी झांसा देकर करवाई ”साइबर गुलामी”, म्यांमार से लौटे युवक की शिकायत पर FIR दर्ज

  1. Khabron wala 

विदेश में अच्छी नौकरी और सुनहरे भविष्य का सपना संजोकर घर से निकले हमीरपुर के एक युवक के लिए यह सफर किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। नौकरी की बजाय उसे साइबर गुलामी के दलदल में धकेल दिया गया। अब इस मामले में हमीरपुर के भोरंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई केंद्रीय जांच एजैंसियों और पुलिस मुख्यालय के कड़े निर्देशों के बाद अमल में लाई गई है।

चंडीगढ़ के एजैंट ने बिछाया जाल, थाईलैंड के रास्ते भेजा म्यांमार

भोरंज निवासी पीड़ित युवक ने पुलिस को बताया कि वह चंडीगढ़ स्थित एक एजैंट के संपर्क में आया था, जिसने उसे विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। योजना के तहत उसे पहले थाईलैंड भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचते ही धोखा शुरू हो गया। उसे अवैध तरीके से बॉर्डर पार करवाकर म्यांमार पहुंचा दिया गया। वहां उसे बंधक बनाकर जबरन साइबर अपराध की दुनिया में धकेल दिया गया, जहां उससे ऑनलाइन ठगी और अन्य अवैध गतिविधियां करवाई जाती थीं।

केंद्र सरकार ने एयरफोर्स की मदद से किया था रैस्क्यू

म्यांमार में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए केंद्र सरकार ने बीते नवम्बर में एक बड़ा रैस्क्यू ऑप्रेशन चलाया था। भारतीय वायुसेना की विशेष फ्लाइट के जरिए वहां बंधक बनाए गए करीब 300 भारतीयों को सुरक्षित वतन वापस लाया गया था। इस जत्थे में हिमाचल प्रदेश के लगभग 30 युवक शामिल थे, जिनमें से दो युवक हमीरपुर जिले के थे। दिल्ली वापसी पर सुरक्षा एजेंसियों ने लंबी पूछताछ और जांच के बाद इन युवकों को उनके परिजनों को सौंपा था।

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कड़ी धाराओं में केस दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच

केंद्रीय एजेंसियों ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हिमाचल पुलिस निदेशालय को कार्रवाई की सिफारिश की थी। इसी आधार पर अब भोरंज पुलिस ने चंडीगढ़ के एजेंट और इस रैकेट में शामिल लोगों के खिलाफ शिकंजा कस दिया है। पुलिस अधीक्षक हमीरपुर बलबीर सिंह ठाकुर ने पुष्टि करते हुए बताया कि भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं और इमीग्रेशन एक्ट 1983 की धारा 24 के तहत मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी गई है।

प्रदेश में अब तक 4 जिलों में दर्ज हुए मामले

हमीरपुर पुलिस की यह कार्रवाई अकेली नहीं है। इससे पहले हिमाचल प्रदेश के तीन अन्य जिलों में भी इसी तरह के रैकेट का पर्दाफाश करते हुए एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। यह मामला न केवल कबूतरबाजी (मानव तस्करी) का है, बल्कि देश की सुरक्षा और युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय साइबर अपराध में धकेलने की एक बड़ी साजिश का भी हिस्सा है। पुलिस अब उन कड़ियों को जोड़ने में लगी है जो प्रदेश के युवाओं को बहला-फुसलाकर विदेश भेज रहे हैं।

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