<aside class="bodySummery border0">जम्मू कश्मीर के बारामूला में सोमवार देर रात को शहीद हुए प्रशांत ठाकुर की पार्थिव देह दोपहर बाद पैतृक गांव ठाकर गवाना पहुंची। भारी बारिश के बीच सैकड़ों लोगों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। तीन दिन बाद बेटे की पार्थिव देह आंगन में पहुंचने पर मानो आसमान भी रोने लगा। जम्मू कश्मीर के बारामुला में आतंकियों से हुई मुठभेड़ में शहीद हुए तीनों सैनिकों को देहरादून में श्रद्धांजलि दी गई। 10 बजे तीनों की पार्थिव देह को उनके गांव के लिए रवाना किया गया। प्रशांत ठाकुर की पार्थिव देह 11:00 बजे पांवटा साहिब पहुंची। पांवटा साहिब से करीब 1 घंटे में पैतृक गांव गवाना पहुंची। रास्ते में भी वीर सपूत को जगह-जगह लोगों ने श्रद्धांजलि दी। प्रशांत ठाकुर अमर रहे के नारों की गूंज सुनाई पड़ रही थी। पांवटा साहिब से सिरमौर पुलिस की टुकड़ी एस्कॉर्ट के साथ पार्थिव देह को लेकर गांव पहुंची, जहां पर देहरादून से भारतीय सेना की एक टुकड़ी भी प्रशांत ठाकुर की पार्थिव देह के साथ आई है। पार्थिव देह काे अंतिम संस्कार के लिए गांव के समीप ही गिरी नदी के किनारे ले जाया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां बुधवार को ही पूरी कर ली गई थी। वहां पर राजकीय व सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई में जिला के प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। हिमाचल पुलिस तथा भारतीय सेना के जवान शहीद को श्रद्धांजलि देंगे। <p id="rel1"></p> <div class="adsBox"> <div id="target-2"> <div id="lite_medium_300x250" data-google-query-id="CMujg-vOqesCFQJTjwod8tUKAw"> <div id="google_ads_iframe_/13276288/Jagran/Lite/himachal-pradesh/detail/medium_300x250_0__container__"></div> </div> </div> </div> </aside>