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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली स्थित सिमिट्री क्षेत्र में निर्माणाधीन फोरलेन टनल की ब्लास्टिंग के कारण आवासीय भवनों में दरारें आने का गंभीर मामला सामने आया है। इस समस्या और भविष्य के खतरे को लेकर शुक्रवार को स्थानीय लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने वार्ड पार्षद विनीत भारद्वाज के नेतृत्व में नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान और उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को अवगत कराया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा बनाई जा रही फोरलेन टनल के अंदर हो रही भारी ब्लास्टिंग के कारण सिमिट्री क्षेत्र के लगभग 8 से 10 मकानों में दरारें आ गई हैं। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस ब्लास्टिंग पर रोक नहीं लगाई गई या इसके तरीके में बदलाव नहीं किया गया, तो भवनों को भारी नुक्सान हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और प्रभावित मकानों का तुरंत निरीक्षण कर उचित कदम उठाए जाएं।
पुरानी घटनाओं से डरे हुए हैं लोग
अपनी चिंताओं को जाहिर करते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन को हाल ही में हुई अन्य घटनाओं का भी हवाला दिया। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व संजौली-ढली बाईपास क्षेत्र में फोरलेन टनल निर्माण के दौरान भी कई मकानों को खाली करवाने की नौबत आ गई थी। इसके अलावा भट्टाकुफर क्षेत्र में फोरलेन निर्माण के चलते एक मकान जमींदोज हो गया था और कई अन्य भवनों को सुरक्षा की दृष्टि से खाली करवाना पड़ा था। इन्हीं हादसों को देखते हुए सिमिट्री क्षेत्र के लोग अपनी जानमाल की सुरक्षा को लेकर खौफ में हैं।
आज मौके का मुआयना करेगा प्रशासन
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने प्रतिनिधिमंडल को त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। डीसी ने बताया कि आज एसडीएम और एडीएम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनएचएआई के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया जाएगा और उन्हें सख्त निर्देश दिए जाएंगे ताकि टनल निर्माण के दौरान होने वाली ब्लास्टिंग से स्थानीय लोगों के मकानों को कोई नुक्सान न पहुंचे।












