पावंटा साहिब व्यवस्था परिवर्तन मंच का धरना प्रदर्शन आज 10वें दिन में प्रवेश कर गया है। इसी बीच प्रशासन की ओर से सरकारी नुमाइंदे के तौर पर तहसीलदार पावंटा वेद प्रकाश अग्निहोत्री धरना स्थल पर पहुंचे। वही मौके पर सुखराम विरोधी गुट से भाजपा नेता मदन मोहन शर्मा और रोशन चौधरी भी उपस्थित रहे तथा प्रदर्शनकारियों को अपना समर्थन दिया
जहां पर तहसीलदार ने अध्यक्ष सुनील चौधरी से लगभग आधा घंटा तक धरना खत्म करने को लेकर वार्तालाप की। भले ही इस वार्तालाप में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया लेकिन फिर भी धरना प्रदर्शनकारियों द्वारा उन्हें कुछ सुझाव जरूर दिए गए हैं, जो स्थानीय प्रशासन व जिला प्रशासन के समक्ष रखे जायगें।
तहसीलदार द्वारा सुनील चौधरी को आगाह किया गया कि प्रशासन की और से अल्टीमेटम के तौर पर 48 घंटे का भेजे गए नोटिस का समय खत्म होने जा रहा है, जिसके बाद प्रशासन को लगा तो वह कानूनी कार्रवाई अमल में ला सकता है।
जिसको लेकर बहाती विकास मंच अध्यक्ष सुनील चौधरी बिफर गए व उन्होंने मीडिया के समक्ष खुलकर कहा कि यदि प्रशासन हमें धरना प्रदर्शन खत्म करने की चेतावनी दे रहा है, तो हम भी उन्हें खुली चेतावनी दे रहे हैं कि जबरन कार्रवाई के बदले बहाती विकास मंच व अन्य महिला संगठन के सैकड़ों लोग विरोध स्वरूप सड़कों पर उतर आएंगे।
उन्होंने कहा कि भविष्य में यह धरना अस्पताल की जगह तहसीलदार कार्यालय व एसडीएम कार्यालय के बाहर भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि वह यहां जनहित मुद्दों को लेकर धरने पर बैठे हैं, जिन्हें पूरा किए बिना वह धरना प्रदर्शन खत्म करने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा जारी 48 घंटे के अल्टीमेटम जवाब के बदले उन्हें जवाब प्रेषित किया जा चुका है।
बता दें कि जबाबी नोटिस में कहा गया है कि धरना प्रर्दशन वाली जगह पर किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं किया गया है। जिससे स्वतः ही स्पष्ट हो जाता है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा दिया गया शिकायत पत्र असत्य व निराधार है। उन्होंने कहा कि मंच एवं मंच के किसी भी सदस्य के द्वारा अस्पताल परिसर में कोई अतिक्रमण नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन यह साबित करे कि अगर किसी भी प्रकार का कोई उपद्रव किया हो तो उसकी लिखित शिकायत और जिसका साक्षी कोई हो। लिहाजा मंच पुनः यह प्रार्थना करता है कि मंच द्वारा जनहित में चलाये जा रहे धरना प्रर्दशन की मांग पूरी हो जाने तक सुचारु रुप से चलने दिया जाये। मंच अस्पताल प्रबंधन व आम जनता के लिए कोई असुविधा पैदा नही करेगा।