शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था का कांग्रेस सरकार ने किया बंटाधार, 3500 सिंगल टीचर स्कूल और 150 से अधिक स्कूलों में एक भी अध्यापक नहीं : डॉ. राजीव बिंदल
एक लाख सात हजार से अधिक सरकारी पद रिक्त, आयुष्मान-हिमकेयर का लाभ भी प्रभावित; जनता 2027 में कांग्रेस को सत्ता से उखाड़कर देगी जवाब : डॉ. राजीव बिंदल
सिरमौर। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने जिला सिरमौर की प्रशिक्षण कार्यशाला एवं जिला पदाधिकारी बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी से उतारने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दो सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों—शिक्षा और स्वास्थ्य—की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है, जबकि मुख्यमंत्री और सरकार के मंत्री व्यवस्था परिवर्तन एवं सुधार के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं।
डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में 3500 स्कूल सिंगल टीचर स्कूल में तब्दील हो चुके हैं और 150 से अधिक स्कूल ऐसे हैं जहां एक भी अध्यापक नहीं है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति तब है जब पिछले चार वर्षों में सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार करीब 2000 स्कूलों को बंद कर उन पर ताले लगा चुकी है। इसके बावजूद कांग्रेस सरकार शिक्षा सुधार का गुणगान कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का बेड़ागर्क करके शिक्षा सुधार के भाषण देना व्यवस्था परिवर्तन नहीं बल्कि “व्यवस्था पतन” है और आज प्रदेश शिक्षा व्यवस्था के संपूर्ण पतन की ओर बढ़ रहा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के सरकारी क्षेत्र में एक लाख सात हजार से अधिक पद रिक्त पड़े हैं। कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले युवाओं को रोजगार और सरकारी नौकरियों के बड़े-बड़े सपने दिखाए थे, लेकिन चार वर्षों में बेरोजगार युवाओं को भर्तियों के नाम पर धोखा देने के अतिरिक्त कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि हजारों पद खाली होने का सीधा असर शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जनसेवाओं पर पड़ रहा है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री लगातार शिक्षा क्षेत्र में सुधार के दावे कर रहे हैं, लेकिन धरातल की तस्वीर इन दावों से बिल्कुल अलग है। विद्यार्थियों को मुफ्त मिलने वाली वर्दी बंद कर दी गई, एचआरटीसी के अनेक बस रूट बंद होने से बच्चों को 5-5 किलोमीटर तक पैदल चलकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है और स्कूल फीस में भी वृद्धि कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का सबसे अधिक नुकसान ग्रामीण क्षेत्रों, गरीब परिवारों और दूरदराज के विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने शिक्षा के साथ प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को भी पूरी तरह पटरी से उतार दिया है। पीएचसी, सीएचसी और अस्पतालों में चिकित्सकों तथा पैरामेडिकल स्टाफ की कमी के कारण गरीब मरीज और आम आदमी परेशान हैं। मरीजों को एक स्वास्थ्य संस्थान से दूसरे और फिर तीसरे संस्थान में रेफर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत करने के बजाय लोगों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल के चक्कर लगाने के लिए मजबूर कर रही है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की आयुष्मान भारत योजना और पूर्व भाजपा सरकार के समय शुरू की गई हिमकेयर योजना ने प्रदेश के लाखों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की थी। आम आदमी आयुष्मान या हिमकेयर कार्ड लेकर अस्पताल जाता था, अपना इलाज, टेस्ट और ऑपरेशन करवाता था और बिना आर्थिक बोझ के घर लौटता था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार में इन योजनाओं का लाभ प्रभावित हुआ है और गरीब व्यक्ति को इलाज के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के लगभग 50 प्रतिशत लोग आयुष्मान और हिमकेयर के अंतर्गत स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा रहे थे, लेकिन कांग्रेस सरकार की नीतियों के कारण इन लोगों के हितों पर कैंची चली है। सरकार को बताना चाहिए कि गरीब व्यक्ति को समय पर इलाज और योजनाओं का पूरा लाभ क्यों नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीतिक बयानबाजी के बजाय सरकार को अस्पतालों में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, दवाइयां और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करनी चाहिए।
डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा विद्यार्थियों के साथ किए जा रहे अन्याय और गरीबों के अधिकारों पर हो रहे प्रहार को लेकर प्रदेश की जनता में भारी आक्रोश है। सरकार ने युवाओं को रोजगार, विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आम आदमी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के बजाय व्यवस्थाओं को कमजोर किया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों को घर-घर तक पहुंचाएंगे। प्रदेश की जनता सरकार के कामकाज का हिसाब देख रही है और 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सत्ता से उखाड़कर इसका जवाब देगी।











