नगर परिषद परवाणु के तहत आने वाला समूचा क्षेत्र तथा कसौली तहसील की ग्राम पंचायत जंगेशु एवं टकसाल पूर्ण रूप से सील

जिला दंडाधिकारी सोलन केसी चमन ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए सोलन जिला के परवाणु क्षेत्र के लिए आदेश जारी किए हैं। यह आदेश हरियाणा राज्य के पंचकूला जिला के परवाणु के साथ लगते कालका क्षेत्र में कोरोना वायरस संक्रमण के 03 पोजिटिव मामले सामने आने के उपरान्त जन सुरक्षा को ध्यान में रखकर जारी किए गए हैं।


इन आदेशों के अनुसार नगर परिषद परवाणु के तहत आने वाला समूचा क्षेत्र तथा जिला की कसौली तहसील की ग्राम पंचायत जंगेशु एवं टकसाल को पूरी तरह सील कर दिया गया है।
इन आदेशों के अनुसार उक्त समूचे क्षेत्र में आगामी आदेशों तक किराना, दूध, ब्रेड, फल, सब्जी तथा कीटनाशकों की कोई भी दुकान खुली नहीं रहेगी। इस क्षेत्र में एपीएमसी की सब्जी मंडी भी आगामी आदेशों तक बंद रहेगी। उक्त क्षेत्र में किसी भी परिस्थिति में किसी भी व्यक्ति अथवा वाहन को आने-जाने की अनुमति नहीं होगी।


सरकारी तथा निजी अस्पताल, नर्सिंग होम तथा इनमें आपातकालीन चिकित्सा स्थिति में आने वाले व्यक्ति, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आयुष विभाग तथा होम्योपैथिक कर्मी, चिकित्सा तथा स्वास्थ्य परीक्षण के लिए प्रयोगशालाएं इन आदेशों के दायरे से बाहर रहेंगी। किन्तु स्वास्थ्य तथा चिकित्सा परीक्षण के लिए सैंपल केवल घर से एकत्र किए जा सकेंगे। 


आदेशों के तहत जिला प्रशासन, दंडाधिकारी कार्य के लिए नियुक्त सरकारी कर्मी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पुलिस, सेना, अर्द्ध सैनिक बल, गृह रक्षा, नागरिक सुरक्षा तथा अन्य ऐसे सुरक्षा बल जो राज्य अथवा केंद्र सरकार के अधीन हैं, निजी सुरक्षा एजेंसियां, जेल एवं सुधार सेवाएं, सम्बन्धित उपमंडलाधिकारी द्वारा प्रमाणित ऐसे सरकारी अथवा अर्ध सरकारी कर्मी जो कोविड-19 के खतरे को न्यून करने के लिए कार्यरत हों, बैंक, एटीएम, कोषागार, बीमा कार्यालय, डाकघर, विद्युत, जल, नागरिक सेवाएं, स्वच्छता एवं ऊर्जा हस्तांतरण इकाइयों जैसी आवश्यक सेवाओं के क्रियाशील रखरखाव में संलग्न अधिकारी एवं कर्मी, अग्निशमन सेवाएं, सूचना प्रौद्योगिकी, दूरसंचार एवं इंटरनेट सेवाओं सहित पशुपालन कृषि तथा वन विभाग सहित सड़क अधोसंरचना के कार्य में संलग्न अधिकारी एवं कर्मचारियों पर यह आदेश लागू नहीं होंगे।


पेट्रोल पंप, रसोई गैस, सीएनजी, तेल एजेंसियां, उनके भंडार गृह तथा संबंधित परिवहन गतिविधियां भी इन आदेशों के दायरे के बाहर होंगी।सक्षम प्राधिकरण से अनुमति प्राप्त आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन में संलग्न औद्योगिक इकाइयां, ऐसी औद्योगिक इकाइयां जिनमें सतत प्रक्रिया आवश्यक है तथा आवश्यक वस्तुओं, दवा एवं इनकी सहयोगी, साबुन, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां तथा ऐसा कपड़ा उद्योग (वस्त्र को छोड़कर) जिसमें औद्योगिक परिसर के भीतर कामगारों के रहने का स्थान हो भी इन आदेशों के दायरे से बाहर हैं।
शीत भंडारण गृह तथा भंडारण सेवाएं, क्वारंटाइन सुविधाओं के लिए निर्धारित स्थान, ऐसे होटल, रेस्ट हाऊस तथा होम स्टे जहां कफ्र्यू में फंसे व्यक्तियों एवं मेडिकल तथा पैरामेडिकल कर्मियों को ठहराया जा सकता हो तथा जिन्हें दवा उद्योग के कामगारों को ठहराने के लिए चयनित किया गया हो, चालकों की सुविधा के लिए अधिसूचित ढाबे एवं होटल, अनुमति प्राप्त वाहन, मुरम्मत कार्यशालाएं, मोटर मैकेनिक, टायर पंचर की दुकानें तथा परिवहन कार्यशालाएं, परिवहन यूनियनों के कार्यालय के सामने खुला स्थान तथा ऐसे ट्रांसपोर्टरों द्वारा किया जाने वाला परिवहन, कृषि कार्य के लिए कृषक एवं कृषि मजदूर भी इन आदेशों के दायरे से बाहर होंगे। 
होम डिलीवरी के तहत लोगों को दूध देने वाले भी इन आदेशों के दायरे से बाहर होंगे। 
पके तथा बिना पके आवश्यक उत्पाद जिनमें किराना, दूध, ब्रेड, फल तथा सब्जियां सम्मिलित हैं सहित दवाओं एवं दवा उपकरणों की होम डिलीवरी प्रातः 7.00 बजे से रात्रि 10.00 बजे के मध्य की जा सकेगी। थोक विक्रेताओं द्वारा सब्जी एवं फल की होम डिलीवरी प्रातः 7.00 बजे से रात्रि 10.00 बजे के मध्य ही की जा सकेगी। होम डिलीवरी प्राधिकृत विक्रेताओं द्वारा ही की जाएगी। इनके पास सक्षम प्राधिकरण द्वारा जारी कफ्र्यू पास होने चाहिएं।
उप पुलिस अधीक्षक, परवाणु तथा सहायक आयुक्त परवाणु यह सुनिश्चित बनाएंगे कि अनुमति प्राप्त व्यक्तियों एवं एजेंसियों द्वारा होम डिलीवरी प्रक्रिया प्रदत्त समय सीमा में प्रभावी एवं सुचारू कार्य करे। इस आदेश द्वारा कफ्र्यू से छूट प्राप्त सभी व्यक्ति, अधिकारी एवं कर्मचारी सोशल डिस्टेन्सिग नियम तथा समय-समय पर कोरोना वायरस के खतरे से बचाव के लिए जारी नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाएंगे। इसके अतिरिक्त सील किए गए क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति मास्क पहने बिना तथा हाथों कोे सैनिटाईज किए बिना बाहर नहीं निकलेगा।


कृषि विकास अधिकारी एवं कृषि विभाग के प्रसार अधिकारी यह सुनिश्चित बनाएंगे कि कृषक एवं कृषि मजदूर सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें और वास्तविक कृषि कार्य ही किए जाएं।
आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि दवाओं सहित सहित सभी आवश्यक एवं गैर आवश्यक वस्तुओं का परिवहन निर्बाध रूप से जारी रहेगा। इनके कामगार एवं कर्मी भी उक्त क्षेत्र में अनुमति प्राप्त वाहनों में आ-जा सकेंगे। इनके पास सम्बन्धित कम्पनी द्वारा जारी पहचान पत्र होना चाहिए। किसी भी कामगार एवं कर्मचारी को पैदल आने-जाने की अनुमति नहीं होगी।


इन आदेशों की अवहेलना पर आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 तथा भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाही अमल में लाई जाएगी। आदेशों की अनुपालना कार्यकारी दण्डाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा सुनिश्चित बनाई जाएगी।
यह आदेश तुरन्त प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा आगामी आदेशों तक लागू रहेंगे।

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