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हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच ऊना जिले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है. स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 1.005 किलोग्राम चिट्टा बरामद कर एक बड़े ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई से साफ हो गया है कि प्रदेश में नशा तस्करी का जाल कितना गहरा फैल चुका है और पुलिस अब इसे जड़ से खत्म करने में जुटी है.
नाके पर पकड़ी गई खेप
पुलिस के मुताबिक, STF एंटी नारकोटिक्स टीम कांगड़ा की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेनू कुमारी अपनी टीम के साथ ऊना-संतोषगढ़ क्षेत्र में गश्त पर थीं. इसी दौरान उन्हें गुप्त सूचना मिली कि एक सफेद कार में नशीला पदार्थ लाया जा रहा है. सूचना के आधार पर संतोषगढ़ के वार्ड नंबर-1 स्थित शिव मंदिर के पास नाका लगाया गया और संदिग्ध वाहन को रोका गया. तलाशी के दौरान कार की डिक्की से 15 पोलिथीन पैकेट बरामद हुए. इनमें हल्के भूरे रंग का पदार्थ मिला, जिसकी जांच करने पर वह चिट्टा निकला. मौके पर डिजिटल तराजू से वजन करने पर इसका कुल वजन 1.005 किलोग्राम पाया गया. पुलिस ने मौके पर ही इसे सील कर लिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की.
तीन आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने ऊना जिले के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें गुरमुख सिंह निवासी बरनोह, रमन कुमार निवासी समूर कलां और सर्वजीत सिंह उर्फ विन्दर निवासी लोअर देहलां शामिल हैं. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और वाहन को भी कब्जे में ले लिया गया है.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेनू कुमारी ने बताया कि नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है. इस मामले में आरोपियों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगाले जा रहे हैं, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके. पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से जुड़े अन्य लोगों तक भी जल्द पहुंच बनाई जाएगी. यह कार्रवाई न केवल पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि हिमाचल में नशे के खिलाफ अभियान और तेज किया जा रहा है. प्रशासन ने साफ किया है कि नशा तस्करों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.












