Khabron wala
मई के महीने में हिमाचल में बारिश व तूफान और बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। सुबह से ही राजधानी शिमला सहित राज्य के कई क्षेत्रों में तेज बारिश हुई, जबकि ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ है, धर्मशाला में जमकर ओलावृष्टि हुई। बिलासपुर में 44 किलोमीटर की रफ्तार से तेज आंधी चली। वहीं प्रदेश में बारिश और तूफान के कारण सेब सहित अन्य फलों और फलदार पौधों और गेहूं को भी कई स्थानों पर नुक्सान हुआ है। रविवार को दोपहर के समय एक बार फिर से कुछ देर के लिए तेज बारिश के साथ कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी देखने को मिली।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 4 मई को चम्बा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और शिमला सहित सोलन और सिरमौर में 40 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चलने और ओलावृष्टि को लेकर ऑरैंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 5 मई को चम्बा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और शिमला में तेज हवाओं और ओलावृष्टि का ऑरैंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान ऊंचे क्षेत्रों में हिमपात और निचले क्षेत्रों में व्यापक वर्षा की संभावना जताई गई है। वहीं 7 मई तक हल्की से तेज बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं इसके अलावा 8 और 9 मई को मध्यम व ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है।
पालमपुर में सबसे अधिक वर्षा, रोहतांग सहित चोटियों पर हिमपात
प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा पालमपुर में 30, रामपुर में 29, रोहड़ू में 25, सराहन में 28 बिलासपुर में 20 मिलीमीटर दर्ज की गई है। प्रदेश की ऊंची चोटियों रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला में हल्का हिमपात हुआ है। कुफरी, मशोबरा में ओलावृष्टि हुई।
हिमपात व वर्षा से तापमान गिरा
ताजा हिमपात और वर्षा के कारण न्यूनतम तापमान में चार डिग्री की गिरावट आई है। नाहन में सबसे अधिक चार डिग्री, सोलन में 3.6, पालमपुर में तीन डिग्री, जबकि बाकी स्थानों पर एक से दो डिग्री की गिरावट आई है। आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट आने का अनुमान है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता 7 मई तक रहने का अनुमान है।











