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हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और इसके चलते हो रहा भूस्खलन अब लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुका है। कुदरत के इस कहर का एक खौफनाक उदाहरण चम्बा जिले में देखने को मिला है। यहां पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़ामुख के समीप अचानक एक पहाड़ी दरक गई। पहाड़ी से तेजी से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा गिरने लगा, जिसकी जद में आने से चमेरा-3 पावर स्टेशन की डैम साइट पर काम कर रहे 25 कर्मचारियों की जान बाल-बाल बच गई।
जानकारी के अनुसार डैम साइट के पास रोजाना की तरह काम चल रहा था। शुक्रवार शाम को अचानक पहाड़ी से पत्थरों की जोरदार गड़गड़ाहट के साथ भारी मलबा गिरने लगा। इस दौरान डैम साइट पर मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। जानलेवा स्थिति को भांपते हुए कर्मचारियों ने तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। इस दौरान तीन कर्मचारी मामूली रूप से घायल हो गए हैं। गनीमत यह रही कि किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई। घटना के तुरंत बाद घायल कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार दिया गया। फिलहाल सभी घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
उधर, एनएचपीसी के महाप्रबंधक टिकेश्वर प्रसाद ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि भूस्खलन के दौरान तीन कर्मियों को हल्की चोटें आई हैं, लेकिन सभी की हालत पूरी तरह से स्थिर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कर्मचारियों ने त्वरित सूझबूझ और फुर्ती नहीं दिखाई होती तो यहां एक बहुत बड़ा हादसा हो सकता था।


