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गैहरा में पसरा मातम, एक परिवार की पांच मौतों से हर आंख नम; गांव में नहीं जला चूल्हा

Khabron wala

चंबा के लाहड़ के पास हुए सड़क हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के बाद गैहरा गांव में गहरा शोक है। मंगलवार को गांव में चूल्हे नहीं जले और हर ओर मातम का माहौल रहा। रात को शव गांव पहुंचने पर परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। बुधवार को पांचों का एक साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर लाहड़ के समीप हुए एक हृदयविदारक सड़क हादसे ने गैहरा गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस भीषण दुर्घटना में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की दुखद मृत्यु हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। मंगलवार को गांव में न तो रोजमर्रा की चहल-पहल दिखी और न ही घरों में चूल्हे जले। हर तरफ सिर्फ अपनों को खोने का दर्द और मातम का माहौल था।

हादसे की खबर मिलते ही गैहरा गांव में मातम पसर गया। हर गली, चौपाल और आंगन में सिर्फ इस दर्दनाक घटना की चर्चा थी। मृतकों के घर पर सुबह से ही रिश्तेदारों, ग्रामीणों और परिचितों का तांता लगा रहा। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। महिलाएं विलाप कर रही थीं, जबकि बुजुर्ग गम में डूबे हुए खामोशी से सब देख रहे थे। सभी के मन में यही सवाल था कि कैसे एक ही पल में पूरा परिवार उजड़ गया। गांव के बुजुर्गों ने अपने जीवन में ऐसा हृदयविदारक दृश्य कभी नहीं देखा, जब एक ही परिवार की पांच अर्थियां एक साथ उठानी पड़ी हों।

सामुदायिक एकजुटता और गहरा सन्नाटा

इस त्रासदी ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। हादसे के बाद, लोगों ने अपने रोजमर्रा के काम छोड़ दिए और शोकाकुल परिवार के साथ खड़े नजर आए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर किसी की आंखें नम थीं और पूरे गांव पर गहरा सन्नाटा पसरा हुआ था। मंगलवार रात करीब 8 बजे जब पांचों शव गांव पहुंचाए गए, तो माहौल में चीख-पुकार मच गई। परिजन बेसुध होकर अपनों से लिपट गए, और आसपास के ग्रामीण उन्हें संभालने और ढांढस बंधाने का प्रयास करते रहे, लेकिन हर आंख से आंसू बह रहे थे। गांव में शोक की ऐसी लहर दौड़ी कि माहौल देर रात तक गमगीन बना रहा।

अंतिम संस्कार और स्थायी टीस

बुधवार को पैतृक श्मशानघाट में पांचों का अंतिम संस्कार किया जाएगा, जिसमें पूरे गांव के लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचेंगे। यह हादसा सिर्फ एक परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे गैहरा गांव के लिए एक ऐसी त्रासदी बन गया है, जिसकी टीस लंबे समय तक लोगों के दिलों में बनी रहेगी। यह घटना सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीर चिंताएं भी उजागर करती है।

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