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हिमाचल प्रदेश में पुलिस विभाग के जूनियर ऑफिसरों ने अपने सीनियर्स पर उत्पड़ीन आदि की शिकायतें दर्ज करवाई हैं. कुछ महिला कर्मियों ने भी अपने सहयोगियों व अन्य अफसरों पर लैंगिक उत्पीड़न को लेकर शिकायतें की हैं. हैरत की बात है कि शिमला जिला में जूनियर्स ने सीनियर्स पर सबसे अधिक 21 शिकायतें दर्ज करवाई हैं. पूरे राज्य में सीनियर्स पर कुल 32 शिकायतें आई हैं. इनमें से 21 लंबित हैं और 11 शिकायतों का निपटारा कर दिया गया है. हैरत की बात है कि जिन अफसरों के खिलाफ शिकायतें दर्ज करवाई गई हैं, उनमें पुलिस के सर्वोच्च अधिकारी यानी महकमे के मुखिया डीजीपी की कंप्लेंट्स भी हैं.
ये जानकारी हिमाचल विधानसभा के मानसून सेशन में सामने आई है. दरअसल, भरमौर के भाजपा विधायक डॉ. जनकराज ने इस संदर्भ में अतारांकित सवाल किया था. सवाल संख्या 1721 के तहत डॉ. जनक गृह विभाग के मुखिया सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से पुलिस विभाग में उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों की जानकारी चाहते थे. कुल पांच हिस्सों में बंटे सवाल में डॉ. जनक ने गृह विभाग से पुलिस कर्मियों की तरफ से दर्ज शिकायतों, उनके निवारण, शिकायतों की नेचर आदि की जानकारी मांगी थी. जवाब के अनुसार तीन साल की अवधि में अगस्त महीने तक कुल 32 शिकायतें दर्ज हुई.
लिखित जवाब में सरकार की तरफ से बताया गया कि हिमाचल में शिमला जिला में कुल 21 शिकायतें दर्ज करवाई गई. उनमें सबसे चर्चित शिकायतों में तत्कालीन डीजीपी के खिलाफ एसपी सीआईडी की शिकायत थी। ये शिकायत अधिकार के दुरुपयोग व अनाधिकृत हस्तक्षेप से जुड़ी थी. इसी प्रकार शिमला जिला में एसपी ने डीजीपी के खिलाफ षड्यंत्र रचने व छवि धूमिल करने की शिकायत की थी. तीसरी, चौथी व पांचवीं शिकायत भी डीजीपी के खिलाफ ही थी. एक शिकायत एसपी बनाम डीआईजी साउथ रेंज थी. शिमला जिला में ही एक महिला आरक्षी ने पुलिस वाहिनी जुन्गा के कमांडेट के खिलाफ मानसिक उत्पीड़न का कंप्लेंट की थी.
इसके अलावा दो अन्य महिला आरक्षियों व दो महिला पुलिस कर्मियों ने भी उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज करवाई. जिला मंडी से चार शिकायतें व जिला चंबा से दो शिकायतें सामने आई. जिला सिरमौर में दो महिला आरक्षियों ने धौलाकुआं छठी बटालियन के डीएसपी पर लैंगिक उत्पीड़न की कंप्लेंट दर्ज करवाई थी. इसके अलावा जिला कांगड़ा में दो व पुलिस जिला बद्दी में एक शिकायत दर्ज हुई. डॉ. जनकराज ने सवाल किया था कि क्या विभाग में अधीनस्थों की सीनियर्स के खिलाफ शिकायतों को लेकर कोई इंडिपेंडेंट शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने का विचार है, इस पर लिखित जवाब में बताया गया कि सरकार का ऐसा अभी कोई विचार नहीं है.









