पाँवटा साहिब व गिरिपार से कालाआम्ब-देहरादून-यमुनानगर तक चलने वाले बड़े-बड़े टिप्पर-ट्रालों की मनमानी आम जनता के जीवन पर संकट पैदा कर रही हैं।
ये ट्राले दिन-रात सड़क के किनारे खड़े रहते हैं।कई ट्राले 50-50 फुट से भी ज़्यादा लंबे और ओवरलोड होते हैं।जो कि शहर के बीचो बीच गति सीमा का उल्लंघन कर रफ़्तार से दौड़ते है।जिससे स्थानीय लोगों का रोड पर निकलना मुश्किल हो गया है।
*इनकी रफ़्तार से पाँवटा साहिब के कई निवासी अपनी जान गवाँ चुके है।रफ़्तार से चल रहे ये ट्राले कई बार सोये हुए लोगों के घरों में घुस चुके हैं।ये ट्राले डेथ ट्रैप बन गए है।
इन ट्रालो के ओवरलोड होने से ये कई बार रास्तों में ही खराब हो जाते है।जिससे NH सहित गिरिपुल पर 8-10 घंटे के लंबे जाम की स्थिति बनी रहती हैं और एम्बुलेंस तक रास्ते में फंसी रहती हैं।
NH का मार्ग होने के बावजूद ये भारी भरकम ट्राले बद्रीपुर-जम्बू खाला रोड जैसे ग्रामीण क्षेत्रों से किसकी परमिशन से निकल रहे हैं?कई ट्राले बिना नंबर प्लेट के दौड़ते हैं?इन ट्रालो को कोन-२ सी परमिशन दी गई हैं?और माल कहाँ से आ रहा है और कहाँ जा रहा है? पुलिस प्रशासन इन ट्रालो के आगें लाचार क्यों है?
इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जनता को पता चलना चाहिये कि इसके पीछे किन लोगों का संरक्षण या मिलीभगत है?भाजपा के कार्यकर्ता इन सभी के लिए अपना पहले भी विरोध जताती रही है,भाजपा के कार्यकर्ताओ पर विरोध करने पर केस बनाये जा रहे हैं।
ट्राले NH के किनारे ना खड़े हों,बद्रीपुर-जम्बू खाला मार्ग पर ये बंद हों और इनकी रफ़्तार पर नकेल कसी जाये,हमारी यहीं माँग है कि ट्रालों कों व्यवस्था के अनुरूप चलाया जाये अन्यथा भाजपा पाँवटा साहिब सरकार ओर प्रशासन के ख़िलाफ़ सड़को पर उतर कर आंदोलन करेगी और चक्का जाम करेगी।जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।भाजपा जनता की सुरक्षा के लिए अब किसी प्रकार के केस से डरने वाली नहीं है।












