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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू सोमवार सुबह शिमला से दिल्ली के लिए रवाना होंगे. दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 8 और 9 सितंबर को तीन प्रमुख केंद्रीय मंत्रियों-केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से अहम बैठकें करेंगे. इसके अलावा हाईकमान से भी बातचीत करेंगे.
इन उच्चस्तरीय बैठकों में हिमाचल प्रदेश से जुड़े कई लंबित प्रशासनिक, विकासत्मक और वित्तीय मामलों को केंद्र के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाएगा. नितिन गडकरी के साथ होने वाली बैठक में राज्य की विभिन्न सड़क परियोजनाओं, राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति, केंद्र से लंबित स्वीकृतियों और वित्तीय आवंटन पर विस्तार से चर्चा हो सकती है. वहीं, केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए वन भूमि आवंटन का मुद्दा रखेंगे. इसके साथ ही ब्यास नदी में बड़े पैमाने पर ड्रेजिंग कराने को लेकर भी फैसला लिया जा सकता है.
उल्लेखनीय है कि मानसून सत्र के दौरान सीएम खुद विधानसभा में बता चुके हैं कि ड्रेजिंग को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केंद्रीय मंत्रियों से प्रारंभिक बातचीत हो चुकी है, जिस पर अब दिल्ली में अंतिम मुहर लग सकती है. इसके अतिरिक्त, जल जीवन मिशन के तहत हिमाचल प्रदेश की केंद्र में अटकी 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की बकाया राशि को जल्द जारी कराने का मुद्दा भी केंद्रीय जल शक्ति मंत्री के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा.
मुख्यमंत्री के इस दिल्ली दौरे को प्रशासनिक के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सरकारी बैठकों के अलावा मुख्यमंत्री सुक्खू कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और केंद्रीय आलाकमान से भी मुलाकात करेंगे. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस दौरान प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और संगठन के मुद्दों पर चर्चा होगी. साथ ही, यह लगभग तय माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पार्टी आलाकमान से अंतिम स्वीकृति लेकर ही शिमला लौटेंगे. इसके बाद कैबिनेट विस्तार संभव हो सकता है. मशोबरा में सीएम सुक्खू ने खुले मंच से विधायक सुंदर सिंह ठाकुर के नाम का ऐलान कर दिया था, लेकिन अब तक मंत्रीमंडल विस्तार नहीं हो पाया है.
11 सितंबर को कैबिनेट बैठक संभव
दूसरी तरफ विधानसभा के मानसून सत्र के संपन्न होने के बाद प्रदेश मंत्रिमंडल की पहली बैठक को लेकर चर्चाएं हैं. माना जा रहा है कि यह कैबिनेट बैठक 11 सितंबर को हो सकती है, इसका आधिकारिक नोटिस आज जारी होने की संभावना है. चूंकि अगले वर्ष प्रदेश में विधानसभा चुनाव भी प्रस्तावित हैं, ऐसे में सुक्खू सरकार अब पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रही है. मानसून सत्र के तुरंत बाद होने वाली यह कैबिनेट बैठक कई मायनों में अहम मानी जा रही है. इस बैठक में राज्य सरकार विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों को भरने और नई भर्तियों को मंजूरी देने से जुड़ा बड़ा फैसला ले सकती है. नई भर्तियों और रोजगार के मुद्दे को लेकर मानसून सत्र में लंबी चर्चा हुई थी. इसके बाद सरकार पर रोजगार के मुद्दे को लेकर घिरी है. इसके अलावा, प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई अन्य नीतिगत निर्णयों पर भी कैबिनेट की मुहर लगने की उम्मीद है.











