( जसवीर सिंह हंस ) बच्चे परिवार और देष का भविश्य है यह देश के विकास के मुख्य केन्द्र बिन्दु है अतः इनकी सुरक्षा और संरक्षा अति आवष्यक है। यह उदगार अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी विनय कुमार ने ग्राम स्वराज अभियान के तहत दिनांक 23 अप्रैल से 28 अप्रैल तक आयोजित किए जाने वाले मिषन इन्द्रधनुश के अन्तर्गत आयोजित किए जाने वाले टीकाकरण अभियान के सन्दर्भ में स्थानीय बचत भवन में समीक्षा बैठक के दौरान व्यक्त करते हुए कहा कि इस अभियान के दौरान कोई भी बच्चा टीकाकरण योजना का लाभ उठाने से वंचित न रह जाए इसके लिए सतत् प्रयास किए जाने की आवष्यकता है।
उन्होनें कहा कि गांव स्वराज अभियान के लिए चिन्हित जिला के पांच गांव कोठी, त्यूण खास, देलग, दयोली व झण्डूता गांव में व्यापक सर्वे किया गया जिसमें टीकाकरण से छूटे बच्चों व गर्भवती महिलाआंे को इस अवधि में टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होनें इस अवसर पर कहा कि अन्य विभागों के अधिकारियों व सम्बन्धित कर्मचारियों का भी दायित्व बनता है कि वह संयुक्त प्रयास करके टीकाकरण से छूटे षेश बच्चों व गर्भवती महिलाओं को चिन्हित करके निर्धारित टीकाकरण का लाभ पहुंचाने में सहयोग करें और मिषन इन्द्रधनुश अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दे।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी वी.के. चैधरी ने जानकारी देते हुए कहा कि जिला मंे क्षेत्रिय अस्पताल बिलासपुर, तीन सिविल अस्पताल, 8 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 38 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा 121 उप स्वास्थ्य केन्द्रों के माध्यम से बच्चों व गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
उन्होनें इस अवसर पर प्रधानमंत्री राश्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिषन आयुश्मान भारत के सन्दर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अन्तर्गत देष के 10 करोड़ पात्र परिवारों के 50 करोड़ लोगों को 5 लाख रूपये तक की वार्शिक चिकित्सा सहायता का प्रावधान किया गया है। उन्होनें कहा कि गांव स्तर पर लोगों को चिन्हित करके इस योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
उन्होनें इस अवसर पर कहा कि इस अवधि में लोगों को स्वास्थ एंव परिवार कल्याण विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी अवगत करवाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सके।
इस अवसर पर उपमण्डल अधिकारी सदर प्रिंयका वर्मा, उपनिदेषक स्वास्थ्य सेवांए नरेन्द्र मैहता, जिला कल्याण अधिकारी अमरजीत डोगरा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी जय गोपाल षर्मा, एमओएच. प्रविन्द्र सिंह, बीएमओ. मारकण्ड अरविन्द टंडन, घुमारवीं के.के. षर्मा, झण्डूता डा. विजय राज, बाल विकास परियोजना अधिकारी सदर नीलम टाडू, घुमारवीं कौषल्या बंसल के अतिरिक्त सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।












