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भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ की वजह से हिमाचल प्रदेश में 152 सड़कें बंद हैं, जबकि बुधवार को भी राज्य के कई हिस्सों में लगातार भारी बारिश होती रही। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, सबसे ज़्यादा सड़कें मंडी ज़िले में बंद हुई हैं (57 सड़कें), इसके बाद चंबा में 33, कुल्लू में 31, शिमला में 14, ऊना में दो और लाहौल-स्पीति में एक सड़क बंद है। इसके अलावा, पानी की सप्लाई की 68 परियोजनाओं और बिजली के 72 ट्रांसफॉर्मर पर भी असर पड़ा है।
ऑरैंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने 30 और 31 जुलाई को प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने 30 जुलाई को चम्बा, कांगड़ा और मंडी में ऑरैंज अलर्ट जारी किया है, जबकि कुल्लू, शिमला, सिरमौर और किन्नौर जिलों के लिए यैलो अलर्ट जारी किया है। बता दें कि मंगलवार शाम से पिछले 24 घंटों में ज़्यादातर इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हुई। पालमपुर में 133 मिमी बारिश दर्ज की गई, इसके बाद जोगिंदरनगर (112 मिमी), कांगड़ा (104 मिमी), धर्मशाला (82 मिमी), रामपुर (45 मिमी), गुलेर (42.2 मिमी) और जोट (41 मिमी) में बारिश हुई।
मौसम विभाग ने कहा कि पानी से भरे और निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है। विभाग ने लोगों से नदियों और नालों के पास न जाने और मौसम की चेतावनियों पर ध्यान देने की अपील की है। वहीं, बुधवार को चंबा ज़िले का भरमौर सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि ऊना सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिमाचल प्रदेश में 1 से 29 जुलाई के बीच औसत 238.6 मिमी के मुकाबले 258.2 मिमी बारिश हुई, जो औसत से 8 प्रतिशत ज़्यादा है।
