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हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने पुलिस प्रमुख और विजिलेंस के दो अधिकारियों के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाकर सरकार और विजिलेंस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. सुधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि विधानसभा का सत्र चल रहा. बावजूद उन्हें जांच के सिलसिले में विजिलेंस कार्यालय में बुलाया गया, जो विधायक के विशेषाधिकार और विधानसभा की गरिमा से जुड़ा गंभीर विषय है.
बीजेपी विधायक सुधीर शर्मा ने कहा, “जब विधानसभा का सत्र चल रहा हो और विधायक सदन की कार्यवाही में हिस्सा ले रहे हों, ऐसे समय में उन्हें जांच के लिए विजिलेंस कार्यालय बुलाया जाना उचित नहीं है. जबकि मामला धर्मशाला में चल रहा है, ऐसे में शिमला में जांच के लिए बुलाना उचित नहीं है. इसको लेकर नियमों के तहत विधानसभा अध्यक्ष को अवमानना का नोटिस दिया है ओर उम्मीद है विधानसभा अध्यक्ष इस पर संज्ञान लेंगे”.
सुधीर शर्मा पहले भी विजिलेंस जांच को लेकर सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध के आरोप लगाते रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार का एजेंडा प्रदेश का विकास होंना चाहिए, लेकिन मुख्यमंत्री ने सुधीर शर्मा को अपना एजेंडा बना कर रखा है और इसका इलाज उनके पास नहीं है.
बता दें कि आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में विजिलेंस सुधीर शर्मा के खिलाफ जांच कर रही है. धर्मशाला में विजिलेंस थाने में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. 18 अगस्त को वे धर्मशाला में विजिलेंस के समक्ष पेश भी हुए थे, लेकिन शुक्रवार को जांच के सिलसिले में उन्हें विजिलेंस कार्यालय शिमला बुलाया गया था.












