ADVERTISEMENT

पुलिस भर्ती पेपर लीक घोटाले में दोषी पुलिस अधिकारियों पर सुक्खू सरकार मेहरबान

*पुलिस भर्ती पेपर लीक घोटाले में दोषी पुलिस अधिकारियों पर सुक्खू सरकार मेहरबान ??*

13वें विधानसभा सत्र के दौरान शिमला में भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर ने पेपर लीक मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति पर सुखविंदर सिंह सरकार के दावों की पोल खोल दी।

उन्होंने 4 मार्च 2024 को अग्रेषित की गई सीबीआई की रिपोर्ट का उल्लेख किया, जिसमें चार वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों—अरुल कुमार, गौरव सिंह. एस पी शिमला, लोकेंद्र नेगी और जे.पी. सिंह—के नाम शामिल हैं।

इन सभी अधिकारियों को सुखविंदर सिंह सरकार द्वारा विशेष संरक्षण प्रदान किया गया है। ये अधिकारी वर्ष 2022 के पुलिस भर्ती पेपर लीक घोटाले में संलिप्त पाए गए हैं।

जय राम ठाकुर ने भी पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों को सीबीआई ने पेपर लीक घोटाले में संलिप्त पाया, उन्हें महत्वपूर्ण और लाभकारी पदों पर तैनाती दी गई।

पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने आगे कहा कि इन अधिकारियों के नाम हिमाचल प्रदेश सरकार को दी गई विशेष रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेखित हैं।

आश्चर्यजनक रूप से, शिमला की राजधानी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात गौरव सिंह भी पुलिस भर्ती घोटाले में संलिप्त पाए गए थे।

सरकार द्वारा इन अधिकारियों को संरक्षण प्रदान करना, उन्हें पदोन्नतियाँ देना तथा महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियाँ प्रदान करना अनुचित लाभ पहुँचाने की श्रेणी में आता है। भ्रष्ट अधिकारियों को इस प्रकार संरक्षण प्रदान करना एक गंभीर अपराध है।

संदिग्ध सत्यनिष्ठा वाले अधिकारियों को संवेदनशील पदों पर पदोन्नति और तैनाती दिया जाना गंभीर सवाल खड़े करता है। यह मामला सुखविंदर सिंह सरकार के कथित दोहरे मापदंडों पर लंबे समय तक सवाल उठाता रहेगा।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *