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विधानसभा : सरकार खरीदेगी 1000 इलैक्ट्रिक और 200 हाइड्रोजन बसें : मुख्यमंत्री

Khabron wala 

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में जल्द 1,000 इलैक्ट्रिक और 200 हाइड्रोजन बसें खरीदी जाएंगी। उनकी सरकार ने अपने पहले बजट में राज्य के पर्यावरण को बचाए रखने के लिए इलैक्ट्रिक बसों को बढ़ावा देने की घोषणा की थी। इसी नीति के तहत सरकार इन बसों की खरीद कर रही है। साथ ही राज्य में चार्जिंग स्टेशनों का भी जाल बिछाया जा रहा है। यह बात उन्होंने विधानसभा में विधायक चंद्रशेखर की ओर से नियम-62 के तहत लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब में हस्तक्षेप करते हुए कही।

विपक्ष की ओर से इलैक्ट्रिक बसों की गुणवत्ता और महंगी खरीद को लेकर उठाए गए सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बसों की खरीद से पहले ही संबंधित कंपनी के साथ 12 साल का मैंटीनैंस अनुबंध किया गया है। बस खराब होने की स्थिति में उसकी मुरम्मत कंपनी की जिम्मेदारी होगी। मुख्यमंत्री ने ई-बसों की संचालन लागत को लेकर भी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि डीजल बसों के संचालन पर करीब 70 रुपए प्रति किलोमीटर तक खर्च आता है, जबकि इलैक्ट्रिक बस की लागत करीब 36 रुपए प्रति किलोमीटर है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार बिना जरूरत के बड़ी संख्या में बसें खरीदने के पक्ष में नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 3,000 बसों पर करीब 7,000 करोड़ रुपए खर्च करना उचित नहीं होगा। इसलिए आवश्यकता के अनुसार चरणबद्ध तरीके से नई बसें खरीदी जाएंगी। इससे पहले विधायक चंद्र शेखर ने सरकाघाट व धर्मपुर एच.आर.टी.सी. डिपो में बसों की दयनीय स्थिति के कारण यात्रियों को हो रही असुविधा का मामला उठाया।

धर्मपुर में 9 और सरकाघाट में 17 बस रूट बंद, डिपो की स्थिति जांचने पहुंचेगी उच्च स्तरीय टीम : हर्षवर्धन

इससे पहले उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि धर्मपुर और सरकाघाट बस डिपो में बसों की कमी को दूर करने के लिए दूसरे डिपो से डीजल बसें भेजी जाएंगी। साथ ही धर्मपुर डिपो की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए एचआरटीसी की उच्च स्तरीय टीम धर्मपुर भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि धर्मपुर डिपो के लिए 56 बसें स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 47 बसें उपलब्ध हैं। इसी तरह सरकाघाट डिपो में 77 स्वीकृत बसों के मुकाबले 58 बसें ही उपलब्ध हैं। बसों की कमी के कारण धर्मपुर में 9 और सरकाघाट में 17 बस रूट बंद हैं।

न पर्यावरण बचा, न यात्री मंजिल तक पहुंचे : जयराम

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अपने विधानसभा क्षेत्र सराज का मामला उठाते हुए कहा कि वहां भेजी गईं इलैक्ट्रिक बसें गंतव्य तक भी नहीं पहुंच पाईं। उनका आरोप था कि हिमाचल की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखे बिना ई-बसों को बढ़ावा दिया जा रहा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार इलैक्ट्रिक बसों के नाम पर पर्यावरण संरक्षण के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। न तो लोगों को पर्याप्त परिवहन सुविधा मिल रही है और न ही सभी रूटों पर बसें चल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में 17 रूट बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है।

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