20 वर्षों से शिक्षा की अलख जगा रहे पंजाब सिंह मजीठिया, 15 हजार से अधिक विद्यार्थियों का संवार चुके हैं भविष्य
1 नवंबर से शुरू होगा निशुल्क कोचिंग का नया सत्र, कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
जहां आज के दौर में शिक्षा महंगी होती जा रही है, वहीं पंजाब सिंह मजीठिया पिछले दो दशकों से जरूरतमंद विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा देकर समाज के सामने एक मिसाल पेश कर रहे हैं। उनका उद्देश्य आर्थिक तंगी के कारण किसी भी होनहार विद्यार्थी को शिक्षा से वंचित न रहने देना है। पिछले 20 वर्षों में वह 15 हजार से अधिक विद्यार्थियों को पढ़ाकर उनके भविष्य को संवारने में योगदान दे चुके हैं।
पंजाब सिंह मजीठिया लंबे समय से फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, इंग्लिश और इकोनॉमिक्स जैसे महत्वपूर्ण विषयों की कोचिंग जरूरतमंद विद्यार्थियों को उपलब्ध करा रहे हैं। उनके इस प्रयास से अनेक विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर मिला है। उनके मार्गदर्शन में पढ़े विद्यार्थियों में से कई आज विभिन्न सरकारी पदों पर सेवाएं देकर देश के विकास में योगदान दे रहे हैं।
1 नवंबर से शुरू होगा निशुल्क कोचिंग का नया सत्र
पंजाब सिंह मजीठिया के इस शैक्षिक अभियान के तहत 1 नवंबर 2026 से निशुल्क कोचिंग का नया सत्र शुरू होगा। कक्षाएं प्रतिदिन सुबह 5 बजे से 8 बजे तक संचालित की जाएंगी। इस सत्र में कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं के सीबीएसई तथा उत्तराखंड बोर्ड के विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा। निर्धन और जरूरतमंद विद्यार्थियों को पूरी तरह निशुल्क शिक्षा एवं कोचिंग उपलब्ध कराने का उद्देश्य आर्थिक अभाव को उनकी पढ़ाई में बाधा बनने से रोकना है।
‘प्रत्येक विद्यार्थी की शिक्षा, समाज की प्रगति’ है मूल मंत्र
पंजाब सिंह मजीठिया का मानना है कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत सफलता का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे प्रभावी साधन भी है। ‘प्रत्येक विद्यार्थी की शिक्षा, समाज की प्रगति’ के मूल मंत्र के साथ उनका प्रयास उन विद्यार्थियों के लिए उम्मीद की किरण है, जो संसाधनों की कमी के बावजूद आगे बढ़ने का सपना देखते हैं।
दो दशक से जारी उनका यह अभियान बताता है कि शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ किया गया प्रयास हजारों जिंदगियों को नई दिशा दे सकता है।









