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हिमाचल प्रदेश में दिवाली से पहले सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के साढ़े तीन लाख सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स के लिए बड़ा ऐलान किया है. शिमला में प्रेस वार्ता में सीएम ने 5 प्रतिशत डीए देने की घोषणा की. सीएम ने कहा कि क्लास फोर कर्मचारियों को 5 प्रतिशत डीए के अलावा 10 हजार रुपये का एरियर देने का ऐलान किया और साथ ही कहा कि पेंशनरों को 10 हजार रुपये मिलेंगे.
सीएम ने कहा कि दीपावली पर कर्मचारियों को 4% डीए के साथ ही बीते साल का पेंडिंग 1% फीसदी डीए मिलेगा, जो कि 5% होगा. इस संबंध में शुक्रवार को अधिसूचना जारी कर दी गई.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम सुक्खू ने कहा कि जय राम सरकार ने 5 सालों में 43 हजार 261 करोड़ का कर्ज लिया और हमारी सरकार ने अब तक के कार्यकाल में 22 अक्टूबर 2026 तक 37 हजार 781 करोड़ का कर्ज लिया. मौजूदा समय में हिमाचल पर 99 हजार 564 करोड़ का कर्ज है. जय राम ठाकुर झूठ बोलते हैं कि प्रदेश पर 1 लाख करोड़ से ज्यादा का कर्ज हो गया है. लोगों के विरोध प्रदर्शनों पर सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करना लोगों का और कर्मचारियों का अधिकार है.
मुख्यमंत्री के अनुसार, यह राशि 1 नवंबर को कर्मचारियों के खातों में आ जाएगी और इसकी अधिसूचना भी जारी की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर दबाव होने के बावजूद सरकार कर्मचारियों के हित में फैसले ले रही है. उन्होंने कर्मचारियों के एरियर का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने एरियर का भुगतान किया है और अब महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है. सरकार का प्रयास है कि आर्थिक चुनौतियों के बीच भी कर्मचारियों को राहत दी जाए.
हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप ठाकुर और महासचिव भरत शर्मा ने महंगाई भत्ते (DA) में 5 प्रतिशत की वृद्धि कर इसे 45 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने के निर्णय का स्वागत किया है. प्रदीप ठाकुर ने कहा कि महंगाई के इस दौर में महंगाई भत्ते में वृद्धि कर्मचारियों को कुछ आर्थिक राहत प्रदान करेगी. प्रदेश सरकार के वित्त विभाग द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, यह वृद्धि 1 जुलाई 2023 से 1 प्रतिशत तथा 1 जनवरी 2024 से 4 प्रतिशत की दर से लागू की गई है. उन्होंने बताया कि डीए और एरियर का भगुतान अक्टूबर 2026 के वेतन के साथ होगा. उन्होंने कहा कि 30 सितंबर 2026 तक की अवधि के लंबित महंगाई भत्ते के एरियर का भुगतान अलग से जारी होने वाले आदेशों के अनुसार किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के सत्ता संभालने के समय स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों की कमी थी और एक्स-रे तथा एमआरआई जैसी मशीनें करीब 35 साल पुरानी थीं. सरकार ने पुरानी मशीनों को बदलने और आधुनिक तकनीक उपलब्ध करवाने पर ध्यान दिया है. सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है. इस सुविधा के तहत करीब 30 हजार रुपये में सर्जरी की गई है और आने वाले समय में इसका विस्तार किया जाएगा. उन्होंने बताया कि करीब 28 से 30 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमेशन लैब स्थापित करने की योजना है. मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन के तहत कई कड़े फैसले लिए हैं, जिनके परिणाम अब सामने आने लगे हैं.
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ओर से राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद किए जाने से हिमाचल के वित्तीय संसाधनों पर दबाव बढ़ा है. उनके अनुसार, इससे प्रदेश का बजट घटकर करीब 54 हजार करोड़ रुपये रह गया है. इसके बावजूद सरकार राजस्व बढ़ाने और हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है. सुक्खू ने वाइल्ड फ्लावर हॉल मामले का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ी और जीत हासिल की, जिससे प्रदेश को आय हो रही है. वहीं, शराब के ठेकों की नीलामी से सरकार को करीब 400 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश की आय बढ़ाने के लिए नए विकल्पों पर काम कर रही है, ताकि वित्तीय स्थिति को मजबूत किया जा सके।
कर्ज के मुद्दे पर भाजपा को घेरा
मुख्यमंत्री ने प्रदेश पर कर्ज को लेकर भाजपा पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में भाजपा सरकार प्रदेश पर 76,633 करोड़ रुपये का कर्ज छोड़कर गई थी. मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछली सरकार के कार्यकाल में 43,261 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया, जबकि वर्तमान सरकार अब तक 37,781 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है.
सुक्खू ने कहा कि आर्थिक चुनौतियों के बावजूद सरकार कर्मचारियों को एरियर देने और अब 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने का फैसला कर रही है. उन्होंने दावा किया कि सरकार के कड़े फैसलों के नतीजे सामने आने लगे हैं. मुख्यमंत्री ने वर्ष 2030 तक हिमाचल प्रदेश को देश का नंबर वन राज्य बनाने का लक्ष्य भी दोहराया.
भाजपा के दो-तिहाई बहुमत के दावे पर पलटवार
भाजपा के आगामी विधानसभा चुनाव में दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाने के दावे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका फैसला जनता करेगी. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी पांच गुटों में बंटी हुई है और दिल्ली भी उनसे दुखी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता ही तय करेगी कि आने वाले समय में किस पार्टी को सत्ता में लाना है.









