( जसवीर सिंह हंस ) मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि एसे पहली बार हुआ है कि वर्ष 2018-19 के लिए प्रस्तावित बजट में 30 नई योजनाओं की घोषणा की गई है। वह आज मण्डी जिले के महाराजा लक्षमण सेन मैमोरियल डिग्री कॉलेज सुन्दरनगर के पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि मण्डी जिले के कलस्टर विश्वविद्यालय की स्थापना 55 करोड़ रुपये की लागत से की जाएगी। कलस्टर विश्वविद्यालय के अन्तर्गत सुन्दरनगर, दरंग तथा बासा प्रत्येक केन्द्र पर11 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे जबकि शेष राशि मण्डी परिसर पर खर्च की जाएगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के सुन्दरनगर केन्द्र में स्कूल ऑफ एप्लाईड सांईसिज, मैनेजमेंट तथा फार्मेसी पाठ्यक्रम होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए राज्य के विभिन्न भागों में 10 आदर्श विद्या केन्द्र खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मेधावी विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगिता परीक्षाओं की कोचिंग के लिए एक नई योजना प्रस्तावित की है। उन्होंने कहा कि ‘पुस्तक दान योजना’ के अन्तर्गत विभिन्न शिक्षण संस्थानों से पास होने वाले विद्यार्थी अपनी पुरानी पुस्तकों को दूसरे जरूरतमंद विद्यार्थियों को प्रदान करेगें।
उन्होंने कहा कि कॉलेज लाईफ बहुत प्रेरणादायी एवं उल्लासपूर्ण होती है और प्रत्येक के लिए ये जीवन का सर्वश्रेष्ठ काल है। उन्होंने कहा कि युवाओं के बीच उन्हें अपने पुराने दिनों की याद आ जाती है। उन्होंने कहा कि राज्य में टोपी की राजनीति अब बीती बात हो गई है। राज्य के लोगों को प्रदेश के मध्य भाग से मुख्यमंत्री मिला है, जिससे ऊपरी तथा निचले हिमाचल से मुख्यमंत्री का मुद्दा भी खत्म हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मण्डी राज्य का दूसरा सबसे बड़ा जिला है, और इसके विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्हांंने भाजपा को भारी जनमत देने के लिए मण्डी के लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पहली बार भाजपा को जिले से इतना भारी जनादेश प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केवल अढाई महीने के कार्यकाल में बहुत कुछ कर दिखाया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बहुत कुछ किया जाना है। विशेषकर, सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने पर बल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने गुणवत्ता पर ध्यान देने के बजाए राज्य में एक-एक लाख के प्रावधान के साथ 16 डिग्री कॉलेज खोलने की घोषणाएं की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सब कुछ राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए किया गया और समुची व्यवस्था का मजाक बनाकर रख दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ऐसे शिक्षण संस्थानों को खोलने के विरूद्ध नहीं है, लेकिन इसके लिए कोई विवेकपूर्ण सोच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में अनेक ऐसे स्कूल है जहां अध्यापक-विद्यार्थी अनुपात में आश्चर्यजनक असंतुलन है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी राष्ट्र का भविष्य है और बेहतर अधोसंरचना तथा स्टॉफ पर बल दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य में सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों को हर सम्भव मद्द प्रदान करेगी। ये संस्थान विद्यार्थियों का बेहतर शिक्षा प्रदान करने के सरकार के प्रयासों को सांझा कर रहे हैं।
श्री जय राम ठाकुर ने कहा कि इस डिग्री महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने राज्य के लिए नाम कमाया है, लेकिन कड़ी प्रतिस्पर्धा के इस युग में अभी बहुत कुछ किया जाना अभी शेष है। उन्होंने इस अवसर पर विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कॉलेज की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। उन्होंने कहा कि कॉलेज में खेल परिसर के निर्माण के लिए 50 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सेंट बीड़स कॉलेज शिमला की तर्ज पर कॉलेज के प्राध्यापकों तथा स्टॉफ को ग्रेच्युटि तथा अवकाश के बदले वेतन जैसे लाभ प्रदान किए जाएंगे।इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने रूसा के अन्तर्गत कलस्टर विश्वविद्यालय के अतिरिक्त खण्ड की आधारशिला भी रखी।हि.प्र. सहायता प्राप्त कॉलेज प्राध्यापक ऐसोसिएशन के सदस्यों ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिये 1.51 लाख रुपये का चेक भेंट किया।
शिक्षा मंत्री श्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि यूजीसी तथा मानव संसाधन मंत्रालय मानदण्डों के अनुरूप यह पहला कलस्टर विश्वविद्यालय होगा। उन्होंने कहा कि कलस्टर विश्वविद्यालय मण्डी जिले के लोगों के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री की ओर से एक उपहार है। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त उच्च शिक्षा सुविधाएं प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश राज्य के लोगों की विकास की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभारी है।
श्री भारद्वाज ने कहा कि राज्य के विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने में निजी कॉलेज तथा अन्य शिक्षण संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है और राज्य सरकार इनके लिए हर सम्भव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि आगामी वित्त वर्ष के दौरान शिक्षा क्षेत्र पर 7273 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है।
सांसद श्री राम स्वरूप ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए कॉलेज के विद्यार्थियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विद्यार्थियों को अब उच्च शिक्षा के लिए शिमला नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने क्षेत्र के विकास में गहरी रूची के लिए स्थानीय विधायक के प्रयासों की सराहना की।
सुन्दरनगर के विधायक श्री राकेश जम्वाल ने इस अवसर पर कहा कि महाराजा लक्ष्मण मैमोरियल डिग्री कॉलेज क्षेत्र में शिक्षा के हब के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का जिले से होना क्षेत्र के लोगों को गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी इस महाविद्यालय के छात्र रह चुके हैं। उन्होंने आशा जताई की मुख्यमंत्री इस महाविद्यालय के लिए हर सम्भव सहायता प्रदान करेगे। उन्होंने कहा कि लगभग 1500 लड़कों के अलावा 2000 लड़कियां इस कॉलेज में गुणात्मक शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से कॉलेज के लिए उदार सहायता प्रदान करने का आग्रह किया।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पी.के. जम्वाल ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और महाविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी। उन्होंने कहा कि कॉलेज के विद्यार्थी न केवल शिक्षा बल्कि, अन्य गतिविधियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेज की स्थापना वर्ष 1976 में हुई थी और तब से शिक्षा के क्षेत्र में विशेष स्थान अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि कॉलेज के 105विद्यार्थियों ने हि.प्र. विश्वविद्यालय में 10 उच्च स्थान हासिल किए है।
कॉलेज के सीएससीए की अध्यक्ष सुश्री राधिका पुरी ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। वन मंत्री श्री गोबिन्द सिंह, विधायक सर्वश्री विनोद कुमार, कर्नल इन्द्र सिंह, हीरा लाल, इन्द्र गांधी, राकेश जम्वाल तथा जवाहर सिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री ठाकुर रूप सिंह, ओएसडी शिशु धर्मा, मण्डी के उपायुक्त व पुलिस अधिक्षक, शिक्षा निदेशक सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।